पिपलानी इलाके में रहने वाली एक बुजुर्ग महिला को डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर साइबर ठगों ने ढाई लाख रुपए की ठगी कर ली। जालसाज ने खुद को मुंबई क्राइम ब्रांच का अफसर बताकर महिला को दो दिन तक डिजिटल अरेस्ट रखा और आतंकवादियों से जुड़े पैसे खाते में आने की झूठी कहानी सुनाई। पुलिस के मुताबिक 63 वर्षीय आशा जैन कल्पना नगर, पिपलानी की रहने वाली हैं और गृहणी हैं। 29 दिसंबर की शाम 4 बजे उनके मोबाइल पर एक कॉल आया। कॉलर ने कहा कि वह मुंबई क्राइम ब्रांच से बोल रहा है और उनके एसबीआई खाते में आतंकवादियों ने संदिग्ध रकम ट्रांसफर की है। यदि वह सजा और जुर्माने से बचना चाहती हैं तो तुरंत पैसे वापस ट्रांसफर करें। इसके बाद जालसाज ने वीडियो कॉल, व्हाट्सएप और फोन कॉल से महिला को लगातार डराया और धमकाया। डर के कारण अगले दिन महिला बैंक पहुंची और जालसाज द्वारा बताए गए खाते में ढाई लाख रुपए ट्रांसफर कर दिए। कुछ देर बाद खाते से पैसे कटने का मैसेज आया। यह बात उन्होंने अपनी बेटी को बताई, तब जाकर ठगी का अहसास हुआ। महिला ने अयोध्या नगर स्थित बंधन बैंक में शिकायत की। बैंक की तत्परता से 1.61 लाख रुपए होल्ड करवा दिए गए, लेकिन तब तक जालसाज 89 हजार रुपए निकाल चुका था। महिला की शिकायत पर पिपलानी पुलिस ने शनिवार को अज्ञात मोबाइल नंबर धारक के खिलाफ जालसाजी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।


