भोपाल रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-1 की ओर स्थित पार्किंग परिसर में रविवार शाम अव्यवस्था रही। स्टेशन में प्रवेश करते ही वाहनों की लंबी कतार लग गई और कई चार पहिया वाहन आधे घंटे से अधिक समय तक पार्किंग में फंसे रहे। इससे यात्रियों और उन्हें छोड़ने आए लोगों को परेशानी हुई। स्थानीय लोगों का कहना है कि पार्किंग ठेकेदार शुल्क वसूली तक सीमित हैं, जबकि ट्रैफिक प्रबंधन और वाहनों की सुचारु निकासी पर ध्यान नहीं दिया जाता। जाम के दौरान न तो दिशा-निर्देश मिले और न ही पर्याप्त कर्मचारी तैनात दिखे। शनिवार-रविवार दो दिनों में 65 हजार से अधिक यात्रियों की आवाजाही से भी स्थिति बिगड़ गई। अचानक बढ़ गया दबाव
रविवार शाम को बड़ी संख्या में लोग स्टेशन पहुंचे थे। छुट्टियां खत्म होने के कारण यात्री अपने-अपने कार्यस्थलों और शहरों की ओर लौट रहे थे। इसी वजह से पार्किंग में अचानक वाहनों का दबाव बढ़ गया और निकासी मार्ग पर जाम लग गया। 2 दिन से ज्यादा ट्रैफिक
इस मामले में पार्किंग कॉन्ट्रैक्टर रशीदा एजाज का कहना है कि पिछले दो दिनों से ट्रैफिक सामान्य से काफी ज्यादा है। उनका कहना है कि छुट्टियां समाप्त होने के चलते यात्रियों की संख्या बढ़ी है, जिससे पार्किंग पर दबाव आया। उन्होंने दावा किया कि स्थिति को संभालने के लिए रात की ड्यूटी करने वाले कर्मचारियों को भी शाम को ही बुलाकर ट्रैफिक क्लियर कराने में लगाया गया।


