भास्कर न्यूज | डंडई डंडई प्रखंड के करके गांव स्थित वार्ड नंबर 8 में पेयजल व स्वच्छता विभाग द्वारा नीर निर्मल परियोजना से 26 लाख रुपए की लागत से बना 17600 लीटर क्षमता वाले जल मीनार निर्माण हुए करीब 8 वर्ष बीत गया। परंतु आज तक ग्रामीणों को इसका नियमित लाभ नहीं मिल सका। ग्रामीणों को दूसरे टोला से पानी की व्यवस्था कर पेयजल सहित अन्य घरेलू कार्यों को करना पड़ रहा है। टोले के ग्रामीण राजू कुमार, अनूप कुमार, सोनू कुमार, विवेक कुमार सहित अन्य ने बताया कि वार्ड नंबर 8 के ग्रामीणों की पानी की समस्या से निजात दिलाने के लिए वर्ष 2016 में ग्रामीण जलापूर्ति योजना के तहत जल मीनार का निर्माण कराया गया था। लेकिन जल मीनार निर्माण के महज दो दिन ही उक्त जल मीनार से टोले के लोगों को पानी पीने का नसीब हो सका था। इसके बाद से आज तक जल मीनार खराब पड़ा हुआ है। विभाग को लिखित शिकायत के बाद वर्ष 2019 में उक्त जल मीनार का मरम्मत कार्य कराकर किस तरह चालू कराया गया था। लेकिन फिर कुछ ही दिन में खराब हो गई। ग्रामीणों ने बताया कि इस जल मीनार से टोले के लगभग दो सौ घरों की आबादी में करीब एक सौ नब्बे घरों में पाइप लाइन के द्वारा पानी की आपूर्ति किया गया था। लेकिन जल मीनार को खराब रहने से टोले में गर्मी के दिनों में पीने के पानी को लेकर हाहाकार मच जाता है। टोले में करीब दो सौ घरों की आबादी में केवल चार हैंडपंप लगाया गया है। लेकिन गर्मी के दिनों में पानी का स्तर नीचे चले जाने से पानी की किल्लत बढ़ जाती है। ऐसी स्थिति में हम लोगों को गर्मी के दिनों में पीने के पानी के लिए दूसरे टोले में भटकना पड़ता है। साथ ही उक्त ग्रामीणों ने कहा कि जलमीनार का ना ही मरम्मत किया जा रहा है और ना ही इसे मृत घोषित किया जा रहा है। इसके वजह से जल जीवन मिशन के तहत भी इस वार्ड में जलमीनार नहीं लगाया जा रहा है और ना ही मुखिया फंड से चपाकल और ना ही जलमीनार स्थापित किया जा रहा है। जिसको लेकर इस वार्ड में पेयजल की समस्या बरकरार है। ग्रामीणों ने वार्ड नंबर 8 में जल मीनार निर्माण की मांग किया है। पेयजल व स्वच्छता विभाग के एसडीओ शहनवाज अंसारी ने बताया कि नीर निर्मल परियोजना से बना जल मीनार यदि जर्जर और चालू करने के लायक नहीं है तो वार्ड नंबर आठ में जल जीवन मिशन के तहत जल मीनार लगाकर पेयजल आपूर्ति मुहैया कराई जाएगी।


