भास्कर न्यूज | अमृतसर निगम ने भगतांवाला डंप से 15 माह में 11 लाख एमटी कूड़े की बायोरेमेडिएशन का टेंडर बीते अगस्त में निकाला गया था। वहीं अब शहर में लोगों के लिए मुश्किल बनते जा रहे नए कूड़े की बायोरेमेडिएशन को लेकर 3 टेंडर निकाले जाने को लेकर रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (आरएफपी) तैयार किया जा चुका है। जिसमें भगतांवाला, झब्बाल रोड डंप और नारायणगढ़ में पहुंच चुके करीब 5.91 लाख एमटी कूड़े की बायोरेमेडिएशन का टेंडर नए साल पर लगाने पर विचार किया जा रहा है। मंजूरी के लिए फाइल निगम कमिश्नर को भेज दी गई है। क मिश्नर से मंजूरी मिलने के बाद लोकल बाडीज विभाग को मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। अप्रूवल के बाद टेंडर फाइनल होते ही ऑनलाइन अपलोड कर दिया जाएगा। भगतांवाला में कारीब 3.67 लाख एमटी नया कूड़ा पहुंचने का अनुमान है। निगम के पास यह अधिकार है कि जो कंपनी पहले ही बायोरेमेडिएशन का काम कर रही उसे 25% काम सौंप सकती है। ऐसे में टेंडर के अलावा इको-स्टैन कंपनी को ही काम सौंपकर कूड़ा खत्म कराने का विकल्प निगम के पास है। हालांकि दूसरा विकल्प टेंडर निकालने पर भी विचार चल रहा इसलिए अनुमानित रिजर्व प्राइस 12.35 करोड़ निर्धारित किया किया है। जबकि झब्बाल रोड डंप में 1.37 लाख एमटी कूड़ा खत्म करने को लेकर बायोरेमेडिएशन के लिए 17.12 करोड़ और छेहर्टा नारायणगढ़ में करीब 57 एमटी कूड़ा खत्म करने के लिए अनुमानित रिजर्व प्राइस 3.6 करोड़ रुपए निर्धारित किया गया है। कमिश्नर से मंजूरी मिलने के बाद लोकल बॉडीज विभाग को मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। गौर हो कि भगतांवाला डंप में 11 लाख एमटी लीगेसी वेस्ट बायोरेमेडिएशन के लिए निगम की तरफ से टेंडर निकालते समय रिजर्व प्राइस करीब 46.34 करोड़ रखा था। इकोस्टेन इन्फ्रा कंपनी को करीब 36.53 करोड़ में टेंडर अलॉट हुआ था। 4 माह में करीब 1.35 लाख एमटी कूड़े का कराया जा चुका है। जिससे डंप में काफी जगह अब खाली नजर आने लगा है। बता दें कि शहर में कूड़ा संकट से निजात नहीं मिल पाने के कारण निगम अफसरों की तरफ से नए साल पर यह टेंडर लाने का प्लान तैयार किया गया है। हालाकि कब तक यह फाइनल होगा इस बारे अफसर अभी कुछ बोलने को तैयार नहीं हैं। चूंकि सारा कुछ अभी प्लान तक ही सीमित है।


