भास्कर न्यूज | जालंधर डॉक्टरों की एक क्लिनिकल बैठक (सीएमई) को संबोधित करते हुए डॉ. एसपीएस ग्रोवर ने उच्च रक्तचाप (हाइपरटेंशन) के नवीनतम प्रबंधन पर विस्तार से व्याख्यान दिया। उन्होंने बताया कि हाइपरटेंशन एक “साइलेंट किलर” है, जो भारत और दक्षिण एशिया में वयस्क आबादी के लगभग 30 प्रतिशत को प्रभावित करता है। डॉ. ग्रोवर ने कहा कि यदि उच्च रक्तचाप का समय पर उपचार न किया जाए, तो यह हार्ट अटैक, ब्रेन स्ट्रोक, रेटिनल हैमरेज, किडनी रोग तथा परिधीय संवहनी रोग जैसी गंभीर जटिलताओं का कारण बन सकता है, जिससे निचले अंगों में गैंग्रीन तक की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। उन्होंने जोर दिया कि लक्षण प्रकट होने से पहले ही उपचार शुरू करना आवश्यक है, ताकि एंड-ऑर्गन डैमेज से बचा जा सके। उन्होंने बताया कि उच्च रक्तचाप के उपचार के लिए विभिन्न प्रकार की दवाएं उपलब्ध हैं, जिनकी क्रिया अवधि अलग-अलग होती है। कई मरीजों में 2 से 4 दवाओं के संयोजन की आवश्यकता पड़ती है। दवाएं धीरे-धीरे जोड़ी जानी चाहिए और रक्तचाप को अचानक कम नहीं करना चाहिए। जिन मरीजों का रक्तचाप पूरी तरह नियंत्रित रहता है, उनमें अचानक मृत्यु की घटनाओं में स्पष्ट कमी देखी गई है। कुछ मामलों में रक्तचाप तभी नियंत्रित होता है, जब शराब का सेवन बंद करें डॉ. ग्रोवर ने कहा कि धूम्रपान पूरी तरह वर्जित होना चाहिए, जबकि अत्यधिक शराब सेवन से रक्तचाप बढ़ता है। उन्होंने “अल्कोहल-इंड्यूस्ड हाइपरटेंशन” की जानकारी देते हुए बताया कि कुछ मामलों में रक्तचाप तभी नियंत्रित होता है, जब शराब का सेवन पूरी तरह बंद कर दिया जाता है। साथ ही उन्होंने उच्च रक्तचाप की रोकथाम और उपचार में प्रतिदिन 40 मिनट नियमित व्यायाम की अहम भूमिका पर भी विशेष जोर दिया। सीएमई के दौरान डॉ. मनबीर सिंह (डीएनबी), इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजिस्ट ने कोरोनरी एंजियोप्लास्टी के तीन जटिल एवं उच्च जोखिम वाले मामलों को प्रस्तुत किया। इन मामलों पर हुई चर्चा से डॉक्टरों को ऐसे रोगियों में अपनाई जाने वाली विभिन्न उपचार तकनीकों की जानकारी मिली। कार्यक्रम के अंत में डॉ. एच.एस. पाल ने सभी प्रतिनिधियों का औपचारिक धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर डॉ. अश्वनी महेंद्रू, डॉ. के.एस. खेड़ा, डॉ. परमजीत सिंह, डॉ. परमिंदर सिंह, डॉ. एच.एस. भाटिया, डॉ. पी.एस. अरोड़ा, डॉ. बलजिंदर सिंह, डॉ. राजिंदर, डॉ. हरि पॉल सिंह, डॉ. अमर खोसला, डॉ. पर्याग, डॉ. आई.पी.एस. सेठी, डॉ. अरुण कुमार सहित अनेक चिकित्सक उपस्थित रहे।


