अनुपम नगर डकैती कांड में पुलिस को डकैतों का क्लू गांव एक युवक ने दिया। 11 फरवरी को मनोहरा वेल्लू परिवार में 60 लाख की डकैती के बाद के बाद आरोपी कार से अनुपम नगर पहुंचे। वहां से विधानसभा रोड होते हुए मंदिर हसौद गए। वहां से तेलीबांधा होकर अम्लेश्वर पहुंचे। अम्लेश्वर में उन्होंने कार रोकी और तालाब के पास शाहिद व पिंटू ने फौजी की वर्दी उतारी और सामान्य ड्रेस पहनी। यहीं उन्हें वोट देने जा रहे दो युवकों ने देखा। इनमें से एक पुलिस भर्ती की तैयारी कर रहा है। गतिविधियां संदिग्ध लगीं तो उसने बाइक से कार का पीछा किया, लेकिन कुछ दूर में उसकी बाइक ई-रिक्शा से टकरा गई। वह आगे नहीं सका। दूसरे दिन उसने अखबार में डकैती की खबर पढ़ी तो उसका शक यकीन में बदल गया। उसने पुलिस से संपर्क किया और पूरी बात बताई। यही सबसे अहम सुराग था। क्राइम ब्रांच की टीम बयान के आधार आगे बढ़ी और दूसरी कार का फुटेज मिला। इसकी नंबर प्लेट के आधार पर पुलिस सोमनी के राहुल त्रिपाठी घर पहुंची। उसे और उसकी पत्नी नेहा त्रिपाठी को हिरासत में लिया। मकान में 13 लाख रुपए मिले और डकैती की साजिश खुल गई। पुलिस डकैतों को पकड़वाने में मदद करने वाले युवक को सम्मानित करेगी। एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने बताया डकैती की साजिश रिटायर्ड फौजी सोम शेखर, देवलाल वर्मा, अजय ठाकुर, राहुल त्रिपाठी और पुरुषोत्तम ने रची थी। सभी भिलाई में जुटे थे। हिस्से में नेहा को मिले सबसे ज्यादा पैसे
पुलिस ने बताया कि डकैती के पैसों का बंटवारा जयंती स्टेडियम के पास किया गया। बंटवारे के दौरान उनके बीच विवाद भी हो गया। नेहा सबसे ज्यादा पैसा रखने पर अड़ गई। अजय और देवलाल भी ज्यादा पैसा चाहते थे। नेहा ने 13 लाख रुपए लिए। बाकी को लोगों को 4-5 लाख ही मिला। मास्टरमाइंड सोम शेखर को भी 5 लाख रुपए ही मिले। जमीन खरीदने का झांसा देकर आए घर
मंदिर हसौद इलाके में मनोहरा वेल्लू ने तीन एकड़ जमीन 2.70 करोड़ रुपए में बेची है। वहां उनकी अभी दो एकड़ जमीन बाकी है। उसने ऊषा के माध्यम से उसके भाई मनोहरा वेल्लू को जमीन बेचने के लिए राजी किया। फिर वह जमीन के सौदे के बहाने दलाल देवलाल वर्मा और अजय ठाकुर को घटना के 25 दिन पहले अनुपम नगर लेकर आया था। 60 लोगों की टीम को 30 हजार इनाम आईजी ने डकैतों को पकड़ने वाली टीम के लिए 30 हजार रुपए इनाम देने की घोषणा की है। उन्होंने शासन को भी इनाम के लिए पत्र लिखा है। डकैतों को पकड़ने वाली टीम में एएसपी, सीएसपी समेत 60 सदस्य शामिल हैं। इन्हें अधिकतम 4000 और न्यूनतम 300 रुपए मिलेंगे।


