डबल होगी कोडरमा-बरकाकाना ट्रैक, रांची-पटना के बीच नई ट्रेनें चल सकेंगी

प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता वाली आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने दी मंजूरी झारखंड और बिहार के बीच रेल कनेक्टिविटी को और मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। कोडरमा से बरकाकाना तक 133 किलोमीटर लंबे रेल रूट का 3063 करोड़ रुपए से दोहरीकरण (डबल लाइन) किया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में नई दिल्ली में बुधवार को हुई बैठक में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने अन्य योजनाओं के साथ कोडरमा-बरकाकाना लाइन के दोहरीकरण को भी स्वीकृति दे दी। बैठक के बाद केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि 133 किलोमीटर लंबा कोडरमा-बरकाकाना (अरीगडा) ट्रैक डबलिंग प्रोजेक्ट एक बड़ी परियोजना है। इस परियोजना के पूरे हो जाने के बाद रेल मार्ग के दोहरीकरण से नई ट्रेनें चल सकेंगी। कोडरमा, चतरा, हजारीबाग और रामगढ़ जिलों की कनेक्टिविटी बढ़ जाएगी। रांची से पटना के बीच करीब 379 किमी का यह सबसे छोटा रेल रूट है। सिंगल लाइन वाले इस रूट पर अभी पटना-रांची-पटना वंदे भारत का परिचालन होता है। इससे पटना से रांची जाने में गोमो, बोकारो स्टील सिटी होकर चलने वाली पटना-रांची-पटना जनशताब्दी की तुलना में करीब 2 घंटे कम समय लगता है। यह परियोजना सात करोड़ पेड़ लगाने के बराबर वैष्णव ने बताया कि इस परियोजना के पूर्ण हो जाने के बाद हर साल 163 करोड़ किलोग्राम कार्बन उत्सर्जन और 32 करोड़ लीटर डीजल की बचत होगी। यह पर्यावरण के लिए बहुत अच्छा है, क्योंकि यह सात करोड़ पेड़ लगाने के बराबर है। योजना से पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। यह रेल खंड देवघर और अन्य धार्मिक स्थलों को भी जोड़ेगा। इस योजना से कोडरमा, हजारीबाग, रामगढ़ व चतरा के 938 गांवों की 15 लाख आबादी को फायदा होगा। 17 बड़े पुल, 180 छोटे पुल, 42 रोड ओवर ब्रिज और 13 रोड अंडर ब्रिज बनाए जाएंगे। अतिरिक्त 30.4 मिलियन टन माल की ढुलाई भी होगी। रेल मार्ग से कोयला-लौह अयस्क समेत अन्य सामग्री की होगी ढुलाई वैष्णव ने बताया कि ये रेल मार्ग कोयला, लौह अयस्क, तैयार इस्पात, सीमेंट, उर्वरक, कृषि व पेट्रोलियम उत्पादों जैसी वस्तुओं के परिवहन के लिए आवश्यक हैं। इनकी क्षमता में वृद्धि से 3.04 करोड़ टन प्रति वर्ष की अतिरिक्त माल ढुलाई होगी। ये प्रस्ताव रेलवे परिचालन को सुव्यवस्थित करने और भीड़भाड़ को कम करने के लिए तैयार किए गए हैं। रूट-1 : रांची से मुरी, बोकारो होते हुए कोडरमा स्टेशन की दूरी 240 किमी है। इस रूट से जनशताब्दी व अन्य ट्रेनें रांची से पटना जाती हैं। रूट-2 : रांची-बरकाकाना-हजारीबाग रूट से कोडरमा स्टेशन की दूरी 211 किमी है। इस लाइन पर रांची-पटना वंदे भारत चलती है और दो घंटा कम समय में पटना पहुंच जाती है। रूट-3 : रूट दो अभी सिंगल लाइन है। डबलिंग के बाद इस ट्रैक पर नई ट्रेनें चलने से रांची से कोडरमा तक की दूरी 29 किमी घट जाएगी। रांची से पटना जाने वाले यात्रियों का समय बचेगा। जानिए… कैसे डबल लाइन से घटेगी 29 किमी दूरी

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *