उदयपुर में हो रहे गरबा कार्यक्रमों में अश्लील गानों, फूहड़ गानों पर रोक लगाने तथा गरबा में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति के आधार कार्ड की जांच की मांग को लेकर बुधवार दोपहर कलेक्ट्रेट पर एकलिंगनाथ राष्ट्रीय सेवा संगठन के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। संगठन के संस्थापक अध्यक्ष आकाश बागड़ी ने बताया कि पूर्व में भी संगठन की ओर से कलेक्टर व एएसपी को ज्ञापन दिया गया था। साथ ही यह भी मांग की गई थी कि गरबा कार्यक्रमों में अश्लील गानों, फूहड़ डांस पर रोक लगाई जाए तथा गरबा कार्यक्रम में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति के आधार कार्ड की जांच हो लेकिन इस संबंध में कोई कार्रवाई नहीं हुई। ‘संस्कृति की रक्षा कौन करेगा’ के लगाए नारे
बागड़ी के नेतृत्व में बुधवार को फिर से जिला कलेक्टर नमित मेहता व एएसपी उमेश ओझा को ज्ञापन दिया गया। इससे पूर्व जिला कलेक्ट्रेट के बाहर कार्यकर्ताओं ने ‘संस्कृति की रक्षा कौन करेगा’ के नारे भी लगाए। उन्होंने बताया कि नवरात्र में पूरे जिले में गरबा कार्यक्रम चल रहे हैं। कई जगहों पर अलग-अलग संगठनों ने आगे बढ़ कर संस्कृति को बचाने का संकल्प लिया है जिसका हम स्वागत करते हैं। अब भी कई जगहों पर फूहडता भरे गाने चल रहे हैं। पिछले दो दिनों में संगठन के कार्यकर्ता ऐसे गरबा संचालकों को समझाइश करने गए, लेकिन उन्होंने सहयोग नहीं किया। धार्मिक धरोहर को विकृत रूप में कर रहे प्रस्तुत
राष्ट्रीय महासचिव निर्मल पंडित ने कहा कि नवरात्र महोत्सव भारत की प्राचीन सनातन संस्कृति का गौरवशाली पर्व है। इस पर्व के दौरान प्रत्येक सनातनी हिन्दू नौ दिन तक मां दुर्गा की आराधना करता है। उनका कहना है कि आयोजनों के दौरान गरबा तथा डांडिया जैसे लोकनृत्य भी मां दुर्गा के सम्मान में किए जाते हैं। विगत कुछ वर्षों से ध्यान में आ रहा है कि व्यावसायिक तथा विकृत मानसिकता के कतिपय लोग गरबा-डांडिया नाइट इवेंट की आड़ में फूहड़, अश्लील पहनावे को बढ़ावा दे रहे हैं। युवाओं को पश्चिमी संगीत पर डांस करवा कर हमारी धार्मिक धरोहर को विकृत रूप में प्रस्तुत करने के साथ ही लाखों सनातनियों की भावनाओं को भी आहत कर रहे हैं।


