टिक-टिक-टिक करके घड़ी में जैसे ही रात्रि के 12 बजे, शहरवासी खुशी और उत्साह से झूम उठे। उनमें यह उत्साह था नए साल के स्वागत करने का। उनकी इच्छा थी आने वाला साल उनके और उनके परिजनों के लिए अच्छा हो। उनमें उमंगता थी इस बात की कि अब आने वाले समय में वे सफलता के चरमोत्कर्ष पर पहुंचें।
उनमें खुशी थी इस बात की कि उनका देश और प्रांत उत्तरोत्तर प्रगति कर रहा है। उन्हें आशा थी यह कि अब हर शहरवासी खुश और स्वस्थ रहकर अपने नगर, प्रांत और देश की उन्नति में सहायक सिद्ध होगा। इस खुशी, उमंग, उत्साह और आशा का यह संगम था हर शहरवासी में, मंगलवार की रात्रि को जब उन्होंने नववर्ष 2025 में प्रवेश किया। नए साल के स्वागत के जश्न में डूबे लोग
शहर के अन्य होटल्स एवं रेस्टोरेंट में पार्टियों का आयोजन किया गया। घरों व सार्वजनिक स्थानों पर भी लोग अपने दोस्तों व परिवार सदस्यों के साथ एकत्रित होकर नए साल के स्वागत के जश्न में डूबते नजर आए। शहर के बाहर हाईवे के होटल व रेस्टोरेंट में भी हुए कार्यक्रमों में भाग लेने शहर के लोग पहुंचे। युवाओं में दिखा जोश
नए साल को लेकर सबसे ज्यादा जोश युवाओं में दिखाई दिया। शहर के विभिन्न स्थानों पर देर रात्रि तक ज्यादातर युवाओं का ही जमावड़ा लगा रहा। इंडिया मोटर्स चौराहा, वैशाली नगर, गांधी भवन सहित कई स्थानों पर युवाओं की टोलियां अपने मित्रों व आने-जाने वाले लोगों को हैप्पी न्यू ईयर बोलते नजर आईं। इसी प्रकार होटलों सहित विभिन्न जगहों पर आयोजित कार्यक्रमों में युवाओं की संख्या ज्यादा रही। बधाइयों का दौर
सुबह से ही लोगों का अपने सगे संबंधियों व मित्रों को सोशल मीडिया के माध्यम से मोबाइल फोन पर वॉट्सऐप, एसएमएस व कॉल के जरिए नया साल मुबारक करने का सिलसिला शुरू हो गया। देर शाम बाद इसमें और ज्यादा तेजी आ गई। कई लोगों ने ग्रीटिंग कार्ड्स देकर भी नए साल की शुभकामनाएं दी। जिसका प्रचलन अब बहुत कम हो गया है।


