भास्कर न्यूज | जालंधर अगर आप पेंटिंग या ड्राइंग्स बनाने के शौकीन हैं तो भारतीय डाक विभाग आपके लिए एक सुनहरा मौका लेकर आया है। विभाग की तरफ से डाक-टिकट डिजाइन प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। इस प्रतियोगिता की थीम है यूएन @80 और बहुपक्षवाद, वैश्विक नेतृत्व व संरक्षण के जरिए भविष्य निर्माण में भारत की भूमिका है। प्रतिभागियों को इसी विषय पर डाक-टिकट डिजाइन करना होगा। डिजाइन की जाने वाली पेंटिंग्स या ड्राइंग्स यूनिक होनी चाहिए और कहीं से भी कॉपी नहीं होनी चाहिए। भारत का कोई भी नागरिक इस प्रतियोगिता में भाग ले सकता है। यह प्रतियोगिता 1 जुलाई 2025 से 15 अगस्त 2025 तक चलेगी। इसका आयोजन संचार मंत्रालय के डाक विभाग द्वारा किया जा रहा है। प्रतियोगिता में कक्षा 9वीं से 12वीं तक के छात्र और कला महाविद्यालयों के विद्यार्थी भाग ले सकेंगे। छात्र अपनी कल्पनाओं को क्रेयॉन, पेंसिल रंग, वॉटर कलर या एक्रेलिक रंगों से ए4 साइज (200 जीएसएम, सफेद रंग) की शीट पर उतारेंगे। प्रतियोगिता के बाद सभी चित्र डाक विभाग द्वारा सर्किल स्तर पर सुरक्षित रखे जाएंगे। राष्ट्रीय स्तर पर चयनित डिजाइन पर डाक टिकट 24 अक्टूबर को जारी किया जाएगा डाक विभाग और विदेश मंत्रालय की ओर से संयुक्त रूप से राष्ट्रीय स्तर पर चयनित डिजाइन पर डाक टिकट जारी किया जाएगा। यह टिकट 24 अक्टूबर 2025 को एक राष्ट्रीय कार्यक्रम में जारी होगा। प्रतियोगिता में अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने सभी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को पत्र भेजा है। उनसे कहा गया है कि वे अपने अधीनस्थ कला महाविद्यालयों में इस प्रतियोगिता की जानकारी फैलाएं और छात्रों को भाग लेने के लिए प्रेरित करें। वहीं सीबीएसई, केंद्रीय विद्यालय, नवोदय विद्यालय, राज्य बोर्ड से संबद्ध स्कूलों और कला महाविद्यालयों को प्रतियोगिता आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं। स्कूल स्तर पर अधिकतम 5 श्रेष्ठ प्रविष्टियों का चयन कर उन्हें माय जीओवी पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा। इसके बाद सर्कल स्तर पर सीपीएमजी की अध्यक्षता में समिति इन प्रविष्टियों में से 5 का चयन करेगी। अंतिम चयन विदेश मंत्रालय और डाक विभाग की संयुक्त समिति की ओर से किया जाएगा। डाक विभाग और विदेश मंत्रालय इस अभियान को सोशल मीडिया पर भी प्रचारित करेंगे। भारत, संयुक्त राष्ट्र का संस्थापक सदस्य है। भारत ने सतत विकास, आपदा प्रबंधन, गरीबी उन्मूलन, जलवायु परिवर्तन, शांति स्थापना, आतंकवाद विरोध, नस्लवाद विरोध, निरस्त्रीकरण और मानवाधिकार जैसे वैश्विक मुद्दों पर संयुक्त राष्ट्र के साथ मिलकर अहम भूमिका निभाई है। यह प्रतियोगिता भारत की वैश्विक नेतृत्व क्षमता को रेखांकित करने का अवसर है।


