डिंडौरी में शुक्रवार को पुलिस नियंत्रण कक्ष में एएसपी अमित और एसडीओपी पुरुषोत्तम मरावी ने ‘ऑपरेशन मुस्कान’ के बारे में जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि यह अभियान एक नवंबर से 30 नवंबर तक चलाया गया था। इस दौरान पुलिस ने 29 नाबालिगों को ढूंढ़कर उनके परिजनों को सुरक्षित सौंपा है। एक महीने तक चले इस अभियान में पुलिसकर्मियों ने स्कूल, कॉलेज और गांवों में जाकर लोगों को जागरूक किया। एएसपी वर्मा ने बताया कि अभियान का मुख्य उद्देश्य गुमशुदा नाबालिगों को बरामद करना, पलायन की रोकथाम करना, बाल सुरक्षा, साइबर सुरक्षा, आत्मरक्षा और महिला सुरक्षा संबंधी जागरूकता फैलाना था। इसके साथ ही छात्राओं को करियर मार्गदर्शन और सुरक्षा उपायों की जानकारी भी दी गई। जागरूकता कार्यक्रमों में एस. वाहिनी सिंह ने 6 बड़े अभियान चलाए। एसडीओपी रैंक के अधिकारियों ने 49, थाना/चौकी प्रभारियों ने 132 और अन्य पुलिस अधिकारियों ने 45 जागरूकता कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। 8 राज्यों से मिले बच्चे बरामद किए गए 29 नाबालिगों में से 5 केरल से, 1 कर्नाटक से, 1 राजस्थान से, 1 तेलंगाना से, 2 महाराष्ट्र से, 1 छत्तीसगढ़ से, 1 दिल्ली से, 1 जबलपुर से, 1 विदिशा से और 15 जिले के अंदर से प्राप्त किए गए। इन सभी को उनके परिजनों को सुरक्षित सौंप दिया गया है। अभी भी 21 गुमशुदगी के मामले लंबित हैं। पुलिस अब दूसरे प्रदेशों में मजदूरी के लिए नाबालिगों को ले जाने वाले एजेंटों का डेटा तैयार कर रही है और उन्हें नियम-कानूनों की जानकारी भी दे रही है। पुलिसवालों को किया जाएगा सम्मानित ‘ऑपरेशन मुस्कान’ विशेष अभियान में उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिसकर्मियों को सम्मानित किया जाएगा। इनमें कोतवाली थाने से एक उपनिरीक्षक, चार सहायक उपनिरीक्षक, चार प्रधान आरक्षक, चार आरक्षक शामिल हैं। इसी तरह शाहपुर थाने से एक निरीक्षक, एक उपनिरीक्षक, दो सहायक उपनिरीक्षक, दो प्रधान आरक्षक, पांच आरक्षक; शहपुरा थाने से चार सहायक उपनिरीक्षक, पांच प्रधान आरक्षक, पांच आरक्षक; समनापुर थाने से तीन सहायक उपनिरीक्षक, चार प्रधान आरक्षक, आठ आरक्षक; गाड़ासरई से दो सहायक उपनिरीक्षक, दो प्रधान आरक्षक, तीन आरक्षक; और करंजिया से एक निरीक्षक, एक सहायक उपनिरीक्षक और एक एसएएफ आरक्षक शामिल हैं।


