बजरंगी महतो|गिरिडीह राज्य सरकार के नए आदेश के बाद िगरिडीह जिले के डिग्री कॉलेजों में नए शैक्षणिक सत्र 2025-26 से इंटर की पढ़ाई नहीं होगी। इंटर की पढ़ाई के लिए मैट्रिक पास आउट बच्चों को प्लस टू स्कूलों में ही नामांकन लेना होगा। गिरिडीह जिले में कुल 86 प्लस टू स्कूल हैं और हर प्लस टू स्कूल में तीनों संकाय मिलाकर सिर्फ 315 बच्चों का ही नामांकन लेना है। लिहाजा जिले के सभी 86 प्लस टू स्कूलों में कुल 27090 बच्चों का ही नामांकन हो सकता है। जबकि, 2025 में गिरिडीह जिले से 37556 बच्चों ने जैक 10वीं बोर्ड की परीक्षा पास की है। ऐसे में इस बार 10वीं पास कर चुके 10466 बच्चों का सरकारी स्कूलों में इंटरमीडिएट में नामांकन संभव नहीं िदख रहा है। इधर, नामांकन के लिए प्लस टू स्कूलों में आवेदकों की लंबी कतार लग गई है। भीड़ कम करने व निर्धारित सीटों पर नामांकन के लिए स्कूल प्रबंधन की ओर से मेधा सूची बनाने की तैयारी की जा रही है, जिससे उन बच्चों को चिंता सताने लगी है, जो पास हैं पर उन्हें कम अंक मिला है। बता दें िक प्लस टू स्कूलों में हर संकाय में अधिकतम 105 बच्चों का ही नामांकन लिया जाना है। यानी एक स्कूल में विज्ञान, कॉमर्स व आर्ट्स संकाय मिलाकर 315 बच्चों का नामांकन लेने का प्रावधान है। पिछले साल तक गिरिडीह जिले के तीनों डिग्री कॉलेज क्रमश : गिरिडीह कॉलेज, आरके महिला कॉलेज व आदर्श कॉलेज राजधनवार में करीब 5 हजार से अधिक बच्चों का इंटरमीडिएट में नामांकन होता था। लेकिन, डिग्री कॉलेजों में इंटर का नामांकन नहीं होगा। िजसका भार प्लस टू स्कूलों पर ही पड़ेगा। जैक बोर्ड के मुताबिक वर्ष 2025 की मैट्रिक परीक्षा में जिले से कुल 40213 बच्चे शामिल हुए थे। जिसमें 37556 यािन 93.39% विद्यार्थी पास हुए हैं। सच ये भी है कि प्लस टू स्कूलों भले ही नामांकन के लिए सरकार बाध्य कर रही है, लेकिन अधिकांश स्कूलों में न तो पर्याप्त शिक्षक हैं और न ही बैठने की समुचित व्यवस्था। कई अपग्रेडे प्लस टू स्कूलों में प्रयोगशाला, वाणिज्य और विज्ञान के शिक्षक, पुस्तकालय जैसी मूलभूत सुविधाएं भी नहीं है। सरकार को किया गया है पत्राचार : डीईओ जिला शिक्षा पदाधिकारी मो वसीम अहमद ने कहा कि जिले के सभी सरकारी प्लस टू हाई स्कूलों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने स्तर से बच्चों का नामांकन लें। अगर कोई परेशानी आ रही हो तो जैक या शिक्षा परियोजना परिषद से संपर्क कर वस्तु स्थिति से अवगत कराएं। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को परेशानी नहीं होने दी जाएगी। निर्धारित सीट से अधिक बच्चों के मसले पर सरकार को पत्राचार किया गया है।


