डिजिटल पेमेंट की रफ्तार तेज, तीन साल में रांची में 74 एटीएम हुईं बंद

डिजिटल लेन-देन के बढ़ते चलन से झारखंड में एटीएम की संख्या लगातार घट रही है। नोटबंदी के समय जिन एटीएम के सामने लंबी कतारें लगती थीं, वे अब धीरे-धीरे गैर-जरूरी होती जा रही हैं। तीन साल में रांची में एटीएम की संख्या काफी तेजी से घटी है। यहां 2022 तक कुल 787 एटीएम थीं, जो 2025 में घटकर 713 रह गई हैं। वहीं, पिछले दो साल में राज्य में एटीएम की संख्या में 3.5% की गिरावट दर्ज की गई है। बैंक नई एटीएम लगाने में रुचि नहीं दिखा रहे हैं। हालांकि इनकी शाखाएं बढ़ रही हैं। बैंकिंग आंकड़ों के अनुसार, सितंबर 2023 में झारखंड में 3433 एटीएम थीं, जो सितंबर 2025 में घट कर 3338 रह गईं। दो साल में राज्यभर में 100 से ज्यादा एटीएम कम हुई हैं। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय के व्यापक मॉड्यूल सर्वे के मुताबिक, राज्य में 43 प्रतिशत लोग ऑनलाइन लेन-देन करते हैं। शहरी क्षेत्रों में 15 वर्ष से ऊपर के 62 प्रतिशत और ग्रामीण क्षेत्रों में 40 प्रतिशत लोग डिजिटल बैंकिंग में सक्षम हैं। सिर्फ तीन माह में प्राइवेट सेक्टर बैंक के 52 एटीएम कम हुए। बैंक ऑफ इंडिया ने तीन माह में 6 एटीएम कम किए हैं। हालांकि एसबीआई ने एटीएम की संख्या बढ़ाई है। एटीएम का उपयोग लगातार घट रहा, दो साल में आधी रह जाएगी इनकी संख्या आने वाले दो वर्षों में देश में एटीएम की संख्या में लगभग करीब 50 प्रतिशत तक की कमी आ सकती है। पिछले कुछ वर्षों में डिजिटल और ऑनलाइन बैंकिंग लेन-देन में तेजी से वृद्धि हुई है, जिससे एटीएम की उपयोगिता लगातार घट रही है। एक एटीएम मशीन लगाने में बैंक को लगभग 4 से 5 लाख रुपए खर्च आता है। किसी एटीएम को लाभकारी बनाए रखने के लिए प्रतिदिन कम से कम 250 लेन-देन जरूरी हैं, लेकिन कई स्थानों पर यह संख्या पूरी नहीं हो पा रही है, जिससे बैंक घाटे में जा रहे हैं। अब सब्जी और फल विक्रेता जैसे छोटे व्यापारी भी डिजिटल भुगतान अपना रहे हैं। हालांकि एसबीआई ने एटीएम की संख्या बढ़ाई है। तीन तरह की होती हैं एटीएम ऑन व ऑफसाइट एटीएम लगाते हैं ऑनसाइट एटीएम बैंक शाखा या आसपास लगते हैं। इनकी देखभाल बैंक खुद करता है। ऑफसाइट एटीएम मॉल, रेलवे स्टेशन, हवाई अड्‌डे, अस्पताल में स्थापित किए जाते हैं। राज्य में एटीएम घटे तीन साल में ऐसे घटी एटीएम बैंक 31 मार्च 2025 31 मार्च 2022 एसबीआई, बैंक ऑफ इंडिया 1497 1582 अन्य पब्लिक सेक्टर बैंक 863 885 प्राइवेट सेक्टर बैंक 842 792 कोऑपरेटिव बैंक 34 34 स्मॉल फाइनेंस बैंक 50 36 {एटीएम की कमी से नकदी निकालने में परेशानी : एटीएम की संख्या कम होने से नकदी निकालने में परेशानी आ रही है। कम एटीएम होने के कारण लंबी कतारें लगती हैं, विशेषकर वेतन और पेंशन के समय, जिससे बुजुर्गों और महिलाओं को अधिक कठिनाई होती है। दूसरे बैंक के एटीएम का उपयोग करने पर अतिरिक्त शुल्क देना पड़ता है। प्रकाश उरांव, ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स कनफेडरेशन के झारखंड महासचिव अल्बर्ट एक्का चौक पर बंद पड़े एटीएम। नोट : झारखंड में कुल ब्रांच 30 मार्च 2022 में 3211 थे, जो 2025 मार्च में बढ़कर 30242 हो गए। राज्य की जनसंख्या भी बढ़ी है, लेकिन एटीएम की संख्या घटी है। भास्कर एक्सक्लू​सिव रांची में 2022 तक कुल 787 एटीएम थीं, जो 2025 में घटकर 713 रह गई हैं

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