डिडौंरी में जनजागरण चेतना शिविर के दूसरा दिन भगवती मानव कल्याण संगठन के संस्थापक शक्तिपुत्र महाराज ने कई मुद्दों पर अपनी राय रखी। उत्तर प्रदेश के ब्रज क्षेत्र में प्रेमानंद महराज की यात्रा का विरोध करते हुए उन्होंने कहा कि रात 11 बजे से सुबह 4 बजे तक कोई भी धार्मिक यात्रा नहीं निकालनी चाहिए। उन्होंने कहा कि चाहे काम कितना भी अच्छा हो, समाज के किसी वर्ग को परेशानी नहीं होनी चाहिए। महाकुंभ पर बोले- आम श्रद्धालुओं को पहले स्नान का मिलना चाहिए मौका महाकुंभ के संदर्भ में उन्होंने कहा कि बड़े-बड़े अखाड़े और संस्थान जगह घेर लेते हैं, जबकि पहले आम श्रद्धालुओं को स्नान का मौका मिलना चाहिए। साधु-संत तो कभी भी स्नान कर सकते हैं। समाज सुधार पर जोर देते हुए शक्तिपुत्र महाराज ने कहा कि उनका संगठन युवाओं को नशा, मांसाहार और भ्रष्टाचार से दूर रखने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने सरकार से नशा मुक्त प्रदेश और देश बनाने की मांग की। साथ ही उन्होंने मुफ्त की योजनाओं के बजाय स्वरोजगार को बढ़ावा देने पर जोर दिया, जिससे लोग अपनी मेहनत से अपने परिवार का भरण-पोषण कर सकें। लॉर्ड मैकाले की शिक्षा नीति ने देश को पहुंचाया नुकसान शिक्षा व्यवस्था पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि लॉर्ड मैकाले की शिक्षा नीति ने देश को नुकसान पहुंचाया। अब आजाद भारत में लोगों को सनातन संस्कृति से जोड़कर बेहतर जीवन देने की आवश्यकता है। समाज में परिवर्तन धीरे-धीरे आएगा, लेकिन इसके लिए सभी को मिलकर कोशिश करनी होगी।


