एजुकेशन रिपोर्टर| रांची रांची यूनिवर्सिटी के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अनमोल कुमार लाल की प्रतिनियुक्ति उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग में डिप्टी डायरेक्टर के पद पर की गई थी। डॉ. अनमोल गणित विषय में झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) 2008 बैच के शिक्षक हैं। हाल में ही उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग ने डॉ. अनमोल की प्रतिनियुक्ति तीन वर्ष पूरा होने के बाद तीन माह के लिए सेवा विस्तार किया था। राजभवन द्वारा डॉ. अनमोल के उच्च शिक्षा विभाग में की गई प्रतिनियुक्ति को रद्द करते हुए मूल सेवा में वापस लौटने का आदेश दिया है। इस संबंध में राज्यपाल सह कुलाधिपति संतोष कुमार गंगवार के निर्देश के बाद प्रधान सचिव नितिन मदन कुलकर्णी द्वारा उच्च शिक्षा विभाग के सचिव लेटर जारी कर दिया गया है। इसमें कहा गया है कि भविष्य में किसी शिक्षक का राजभवन की अनुमति के बिना प्रतिनियुक्ति नहीं की जाएगी। बताते चलें कि डॉ. अनमोल का नियोक्ता रांची यूनिवर्सिटी है। इसलिए यूनिवर्सिटी एक्ट और रेगुलेशन के अनुसार प्रतिनियुक्ति सेवा का विस्तार के विवि से अनुमति जरूरी है। लेकिन यूनिवर्सिटी से अनुमति लिए बिना ही उच्च शिक्षा विभाग द्वारा डॉ. अनमोल का सेवा विस्तार कर दिया गया था। पूर्व सीनेटर ने राजभवन से की थी शिकायत : आरयू के पूर्व सीनेटर डॉ. अटल कुमार पांडेय ने नियम की अनदेखी कर सेवा विस्तार दिए जाने की शिकायत राज्यपाल सह कुलाधिपति संतोष गंगवार से की थी। डॉ. अनमोल की सेवा तत्काल प्रभाव से उच्च विभाग से हटकर रांची विश्वविद्यालय के गणित विभाग में भेजने का आग्रह किया।


