सूरजपुर जिला अस्पताल में नार्मल डिलीवरी के बाद प्रसूता की ब्लडिंग नहीं रुकी तो उसे अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। अंबिकापुर लाने के दौरान प्रसूता की रास्ते में मौत हो गई। मृतका के बच्चे को मेडिकल कॉलेज के NICU में रखा गया है। सूरजपुर में पिछले डेढ़ माह में प्रसव के दौरान मौत का यह चौथा मामला है। जानकारी के मुताबिक, सूरजपुर जिले के कोट पटना निवासी जगमनिया सिंह (22 वर्ष) पति देशवंत सिंह को प्रसव पीड़ा होने पर सोमवार को सूरजपुर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बीती रात उसकी नार्मल डिलीवरी कराई गई एवं उसने स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया। प्रसव के बाद जगमनिया की ब्लडिंग नहीं रुकी एवं उसकी हालत बिगड़ने लगी। अंबिकापुर पहुंचने के पहले हो गई मौत
जिला अस्पताल से सुबह जगमनिया को अंबिकापुर रेफर कर दिया गया। उसे एम्बुलेंस से अंबिकापुर लाया जा रहा था। रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज पहुंचने पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। वहीं नवजात को MCH के NICU में रखा गया है। बच्चे की फिलहाल डॉक्टर निगरानी कर रहे हैं। मृतक जगमनिया के परिजनों ने बताया कि यह उसका दूसरा प्रसव था। इसके पहले उसकी नार्मल डिलीवरी हुई थी एवं उसने एक पुत्री को जन्म दिया था। दूसरा प्रसव भी नार्मल हुआ, लेकिन ब्लडिंग नहीं रूकने से उसकी हालत बिगड़ गई। मामले में परिजनों ने हॉस्पिटल प्रबंधन पर कोई आरोप नहीं लगाया है। घटना से घर में नवजात के आगमन की खुशी मातम में बदल गई है। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया है।


