अजमेर डिस्कॉम ने पतंगबाजी के दौरान होने वाले हादसों से बचने के लिए सुरक्षा उपाय साझा करते हुए आमजन व उपभोक्ताओं से सावधानी की अपील की है। मकानों के पास से गुजर रही बिजली की लाइनों के आस-पास पतंग उड़ाते समय विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। हाल ही में सीकर में हुई दुर्घटना को लेकर यह अपील की है। अजमेर डिस्कॉम के एम.डी. के पी वर्मा ने बताया- अक्सर बिजली लाइन के आस-पास पतंग उड़ाने के दौरान बिजली दुर्घटनाओं के प्रकरण देखने में आते है । निगम ने सबसे पतंगबाजी के दौरान सावधानी बरतने की अपील की है। किसी भी व्यक्ति को बिजली लाइन के संपर्क में आने के संभावित खतरे को कम नहीं आंकना चाहिए। पतंग, चाईनीज़ मांझे व अन्य मांझे / धागे के बिजली की लाइन छूने पर करंट, पतंग उड़ाने वाले व्यक्ति तक पहुंच सकता है। पतंग का मांझा / धागा आदि बिजली का संचालन करने में सक्षम नहीं हैं, लेकिन बिजली लाइन का वोल्टेज बहुत अधिक होता है और थोड़ी सी नमी भी कंडक्टर के रूप में कार्य कर सकती है। यहां तक कि थोड़ी सी धातु भी बिजली से गुजरने में सहायक हो सकती है, विशेष रूप से उच्च वोल्टेज जो उच्च प्रतिरोध से गुजर सकती है। यह किसी व्यक्ति को नुकसान पहुंचाने के लिए काफी है। मकानों के पास से गुजर रही बिजली की लाइनों के आस-पास पतंग उड़ाते समय विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। यदि बिजली के तारों या उपकरणों में पतंग या डोर फंस जाए तो धातु जैसे लोहे-एल्यूमिनियम के पाइप, सरिए या गीली लकड़ी से हटाने का कतई प्रयास नही करें। हल्की धातु से बनी हुई पतंग और धातु/मेटल पाउडर कोटेड मांझे का उपयोग बहुत खतरनाक साबित हो सकता है। चाइनीज मांझे पर प्रतिबंध, सुबह- शाम 2-2 घंटे नहीं उड़ा सकेंगे पतंग अजमेर जिले में मकर संक्रान्ति पर धातु निर्मित चाइनीज मांझे के उपयोग, निर्माण एवं विपणन को निषेध किया गया है। पक्षियों को नुकसान से बचाने के लिए प्रातः 6 से 8 बजे तथा शाम 5 से 7 बजे तक पतंग उड़ाने एवं पतंगबाजी पर प्रतिबन्ध रहेगा। जिला कलेक्टर लोक बन्धु ने बताया- जिले में मकर संक्रांति पर्व पर पतंगबाजी के लिए धातुओं के मिश्रण से निर्मित मांझा सामान्य प्रचलित भाषा में चाइनीज मांझा प्लास्टिक व अन्य सिंथेटिक पदार्थ या जहरीले पदार्थ जैसे लोहा, ग्लास इत्यादि से बना मांझा प्रयुक्त जा सकता हैं। यह मांझा विभिन्न धातुओं के मिश्रण होने से निर्मित होने से धारदार तथा विद्युत का सुचालक होता है। इसके उपयोग के दौरान दोपहिया वाहन चालकों तथा पक्षियों को अत्याधिक जान माल का नुकसान होना संभावित है। साथ ही विद्युत का सुचालक होने के कारण विद्युत तारों के सम्पर्क में आने पर विद्युत प्रवाह होने से पतंग उड़ाने वाले को भी नुकसान पहुंचना तथा विद्युत सप्लाई में बाधा उत्पन्न होना संभाव्य है। इस समस्या और खतरे के निवारण के लिए इस धातु निर्मित मांझा के उपयोग, निर्माण एवं विपणन को निषेध किया गया है। उन्होंने बताया कि लोक स्वास्थ्य व विद्युत संचालन बाधा रहित बनाए रखने एवं पक्षियों के लिये बड़े पैमाने पर खतरा बन चुके धातु निर्मित मांझा सामान्य प्रचलित भाषा में चाईनीज मांझा, प्लास्टिक व अन्य सिन्थेटिक पदार्थ या जहरीले पदार्थ जैसे लोहा, ग्लास इत्यादि से बना मांझा की थोक व खुदरा बिक्री, भण्डारण, परिवहन तथा उपयोग राजस्व जिला अजमेर की क्षेत्राधिकारिता में निषेध एवं प्रतिबंधित करने के आदेश जारी किए गए है। इस प्रकार के मांझाओं का भण्डारण, विक्रय, परिवहन तथा उपयोग करने वाले के विरुद्ध यथाप्रचलित सम्यक कानून के तहत कार्यवाही की जाएगी। पढें ये खबर भी… सीकर में चाइनीज मांझे में दौड़ा करंट, बच्चे की मौत:11KV की लाइन पर अटकी पतंग हटा रहा था; छत की दीवार भी काली पड़ी


