– चिकित्सा पदाधिकारी, थर्ड-फोर्थ ग्रेड की प्रोन्नति समेत कई अहम प्रस्तावों पर होगा निर्णय रिम्स की 64वीं गवर्निंग बॉडी की बैठक 3 फरवरी को आयोजित होगी। इसके लिए स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने निर्धारित तिथि पर अपनी सहमति दे दी है। बैठक में संस्थान से जुड़े कई महत्वपूर्ण और लंबे समय से लंबित मुद्दों पर चर्चा और निर्णय होनी है। बैठक में सबसे पहले 62वीं और 63वीं गवर्निंग बॉडी बैठक की कार्यवाही की संपुष्टि की जाएगी। इसके बाद करीब दो दर्जन नए एजेंडों पर चर्चा शुरू होगी। बैठक का सबसे महत्वपूर्ण एजेंडा रिम्स में नई आईपीडी (इन-पेशेंट डिपार्टमेंट) बिल्डिंग के निर्माण से जुड़ा है। वर्तमान आईपीडी बिल्डिंग की हालत बेहद जर्जर हो चुकी है। एक्सपर्ट टीम द्वारा किए गए निरीक्षण में भी यह स्पष्ट किया गया है कि इस भवन को मरम्मत कर उपयोग में लाना सुरक्षित नहीं है। रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि भवन की स्थिति ऐसी है कि किसी भी समय बड़ी अप्रिय घटना हो सकती है। इसी को देखते हुए प्रस्ताव है कि डीआईजी ग्राउंड में 500 बेडेड नई आईपीडी बिल्डिंग के निर्माण को स्वीकृति दी जाए। उल्लेखनीय है कि डीआईजी ग्राउंड में रिम्स का न्यू कैंपस विकसित होना है और नई आईपीडी बिल्डिंग इसकी नींव साबित होगी। ट्रॉमा सेंटर बिल्डिंग के बगल से न्यू कैंपस तक पहुंच का रास्ता प्रस्तावित है। रिम्स निदेशक डॉ. राजकुमार ने बताया कि नई आईपीडी बिल्डिंग का निर्माण संस्थान के लिए अत्यंत आवश्यक हो चुका है। चूंकि पूरी बिल्डिंग की स्थिति काफी जर्जर है, इसलिए मरीजों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए नई ओपीडी का निर्माण किया जाना है। यदि जीबी की बैठक में प्रस्ताव को मंजूरी मिल जाती है, तो इस वर्ष हर हाल में निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा। इससे मरीजों को कई तरह का लाभ होने की उम्मीद है। रिम्स में नए ओपीडी बिल्डिंग के निर्माण को लेकर भी पहले ही स्थान चिन्हित कर लिया गया है। नए ओपीडी की बिल्डिंग निदेशक कार्यालय के सामने, मल्टी-स्टोरी पार्किंग के बगल स्थित खाली स्थान पर बनाए जाने का निर्णय लिया गया है। यहां मरीजों को आनेजाने में सुविधा होगी। इससे भविष्य में मरीजों को बेहतर और व्यवस्थित ओपीडी सुविधा मिलने की उम्मीद है। रिम्स में कार्यरत मेडिकल ऑफिसर्स की प्रोन्नति का मामला पिछली बैठक में भी उठा था। उस दौरान इसके लिए नियमावली तैयार करने की बात कही गई थी। अब इस बैठक में इस पर ठोस चर्चा होने की संभावना है। वहीं, थर्ड और फोर्थ ग्रेड कर्मियों के प्रमोशन के मुद्दे पर भी विचार किया जाना है। इसके अलावा नॉन-एकेडमिक पीजी के पोस्ट क्रिएशन (नए पद सृजन) पर भी एजेंडा रखा गया है।


