रांची | डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी यूनिवर्सिटी के दर्शनशास्त्र विभाग की ओर से मंगलवार को एक विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। मुख्य वक्ता दर्शनशास्त्र के शिक्षाविद् डॉ. आलोक टंडन ने संस्कृति और ऐतिहासिकता के बारे में बात की। छात्रों को दर्शन और दर्शनशास्त्र की महत्ता से अवगत कराया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कुलपति डॉ. तपन कुमार शांडिल्य ने कहा कि संस्कृति और सभ्यता प्राचीन काल से एक-दूसरे से जुड़ी हुई हंै। विभागाध्यक्ष डॉ. आभा झा ने विषय प्रवेश कराते हुए अतिथियों का स्वागत किया। डॉ. देवाशीष गुहा, प्रो. डॉ. प्रदीप सिन्हा, डॉ. सरस्वती मिश्रा मौजूद थे।


