डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय (डीएसपीएमयू), रांची में दो बड़े बदलाव होंगे। बीएड कोर्स से जुड़े कॉन्ट्रैक्ट शिक्षकों के लिए करीब 20 साल से चल रही सेवा ब्रेक व्यवस्था पर रोक लगेगी। वहीं प्रशासनिक ढांचे को सुदृढ़ करने के लिए अब एक्टिंग एचओडी को भी नियमित एचओडी की तरह सभी सुविधाएं दी जाएंगी। उन्हें 33 दिन का अर्जित अवकाश भी मिलेगा। डीएसपीएमयू प्रशासन के प्रस्ताव पर राज्यपाल सह कुलाधिपति संतोष कुमार गंगवार में मंजूरी दे दी है। यूनिवर्सिटी प्रशासन के मुताबिक इन दोनों फैसलों से न सिर्फ शिक्षकों को लाभ होगा, बल्कि यूनिवर्सिटी का शिक्षण व्यवस्था और प्रशासनिक ढांचा भी मजबूत होगा। डीएसपीएमयू के बीएड कोर्स के कॉन्ट्रैक्ट पर कार्य कर रहे शिक्षकों को अब हर शैक्षणिक सत्र के बाद तकनीकी रूप से सेवा से मुक्त नहीं किया जाएगा। अब तक लागू व्यवस्था में हर साल शिक्षकों को सेवा से हटाया जाता है। इसके बाद फिर दोबारा नियुक्ति की प्रक्रिया कराई जाती थी। इससे न केवल शिक्षकों की नौकरी असुरक्षित रहती थी, बल्कि छात्रों की पढ़ाई भी प्रभावित होती थी। यह राष्ट्रीय अध्यापन प्रशिक्षण परिषद (एनसीटीई) की गाइडलाइन के अनुरूप नहीं थी। वहीं एक्टिंग एचओडी भी नियमित एचओडी की तरह सभी दायित्व निभाते हैं, लेकिन उन्हें नियमित की तरह सुविधाएं नहीं मिलती। एक्टिंग एचओडी को नियमित जैसा अवकाश एक्टिंग एचओडी (प्रभारी) को अब नियमित विभागाध्यक्षों के समान अवकाश दिए जाएंगे। अब इन्हें भी साल में 33 दिन का अर्जित अवकाश मिलेगा। हालांकि इन्हें भी नियमित की तरह ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान विश्वविद्यालय हित में आवश्यक सेवाएं देने के लिए मुख्यालय में उपलब्ध रहना होगा। विवि को यह अधिकार होगा कि शैक्षणिक, प्रशासनिक आवश्यकता पड़ने पर विभागाध्यक्षों की सेवाएं अवकाश अवधि में भी ली जा सकेगी। अध्यापन प्रशिक्षण परिषद (एनसीटीई) की गाइडलाइन के अनुरूप नहीं थी। वहीं एक्टिंग एचओडी भी नियमित एचओडी की तरह सभी दायित्व निभाते हैं, लेकिन उन्हें नियमित की तरह सुविधाएं नहीं मिलती। अन्य विश्वविद्यालयों में अभी यह सुविधा नहीं राज्यपाल की स्वीकृति के बाद बीएड शिक्षकों की सेवा ब्रेक और एक्टिंग एचओडी को नियमित की तरह सुविधा देने से संबंधित दोनों फैसलों का नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है। इसका राज्य के अन्य विश्वविद्यालयों पर भी बड़ा असर पड़ेगा। डीएसपीएमयू के समीप स्थित रांची विवि के बीएड शिक्षकों और एक्टिंग एचओडी को नियमित की तरह सुविधा नहीं मिलती है। बताते चलें कि लगभग 80 प्रतिशत विभागों में एक्टिंग एचओडी के भरोसे विभाग संचालित किए जा रहे हैं। बीएड शिक्षकों को सेवा ब्रेक का प्रावधान समाप्त होने के बाद अब वे अन्य शिक्षकों की तरह 65 साल तक सेवा दे सकेंगे। इन शिक्षकों का पदनाम सहायक प्रोफेसर होगा। अभी 11 माह के बाद शिक्षकों के मन में अगली सेवा को लेकर असुरक्षा की भावना रहती थी, जो खत्म हो गया है। संबंधित विभाग द्वारा फीडबैक बेहतर रहने पर नियमित शिक्षकों की तरह सेवा दे सकेंगे। अब 65 वर्ष की उम्र तक देंगे सेवा


