डीग जिले में विकास रथ यात्रा का आयोजन:कुम्हेर से कामां तक, आमजन ने देखी सरकार की उपलब्धियां

राज्य सरकार के दो वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में डीग जिले में ‘विकास रथ यात्रा’ का संचालन किया गया। गुरुवार को इस यात्रा ने शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में दस्तक दी, जिसका उद्देश्य ‘सेवा, सुशासन और जनकल्याण’ के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाना था। जिले की तीनों विधानसभाओं-डीग-कुम्हेर, नगर और कामां में आयोजित कार्यक्रमों के दौरान आमजन ने डिजिटल माध्यम से सरकार की उपलब्धियों और भविष्य के विजन को समझा। इस दौरान सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूकता और जन-सहभागिता का अद्भुत नजारा देखने को मिला। डीग-कुम्हेर विधानसभा क्षेत्र में विकास रथ ने कुम्हेर नगरपालिका के वार्ड संख्या 1 से 25 तक सघन दौरा किया। शहरी निवासियों ने अपने मोहल्लों में सरकार की उपलब्धियों का लेखा-जोखा देखा और योजनाओं की जानकारी प्राप्त की। नगर विधानसभा क्षेत्र में यह यात्रा ग्रामीण परिवेश में पहुँची। विकास रथ ने झंझार, सिहावली, तेस्की, जलालपुर, खोहरी और बासबुर्जा जैसे गांवों का दौरा किया, जहाँ ग्रामीणों ने रथ का आत्मीय स्वागत किया और उत्साहपूर्वक भागीदारी की।
कामां विधानसभा क्षेत्र के धर्मशाला, बौलखेड़ा, लुहेसर, जुरहरी और जुरहरा गांवों में विकास रथ के माध्यम से जागरूकता फैलाई गई। मेवात क्षेत्र में भी सरकारी योजनाओं के प्रति लोगों को जागरूक किया गया। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रथ पर लगी विशाल एलईडी स्क्रीन थी। इसके माध्यम से उपस्थित जनसमूह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के वक्तव्यों और संदेशों को सुना। प्रधानमंत्री के ‘विकसित भारत’ के विजन और मुख्यमंत्री के ‘विकसित राजस्थान’ के संकल्प को ग्रामीणों ने तन्मयता से सुना। संदेश में यह स्पष्ट किया गया कि सरकार की योजनाएं किसी एक वर्ग के लिए नहीं, बल्कि ‘सबका साथ, सबका विकास’ की भावना से प्रेरित हैं।
योजनाओं का ‘सजीव’ चित्रण और जन-जागरूकता एलईडी स्क्रीन पर प्रदर्शित लघु फिल्मों के माध्यम से केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं—जैसे जल जीवन मिशन, पीएम आवास, किसान सम्मान निधि और स्वास्थ्य बीमा की जानकारी दी गई। ग्रामीणों ने देखा कि कैसे तकनीक और पारदर्शिता के माध्यम से सरकार ने बिचौलियों को हटाकर सीधा फायदा आम आदमी की जेब तक पहुंचाया है। कुम्हेर के शहरी वार्डों और नगर-कामां के गांवों में मौजूद बुजुर्गों, महिलाओं और युवाओं ने इसे ‘सुशासन का प्रत्यक्ष प्रमाण’ बताया। ​प्रशासनिक मुस्तैदी और जन-संवाद यात्रा के दौरान स्थानीय प्रशासनिक अधिकारी और जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे। उन्होंने ग्रामीणों को प्रेरित किया कि वे प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के संदेश को केवल सुनें नहीं, बल्कि योजनाओं का फायदा उठाकर अपने जीवन स्तर को ऊपर उठाएं। अधिकारियों ने मौके पर ही ग्रामीणों की जिज्ञासाओं का समाधान किया और पात्र व्यक्तियों को योजनाओं से जोड़ने की प्रक्रिया समझाई।

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