भास्कर न्यूज|मझिआंव मझिआंव थाना क्षेत्र के आमर गांव के पश्चिम टोला पर एक समुदाय विशेष के लोगों द्वारा घर में घुसकर पिता पुत्र एवं माता को पीट-पीट कर गंभीर रूप से जख्मी कर देने का मामला प्रकाश में आया है। घायलों की पहचान आमर पश्चिम टोला गांव निवासी अवध विश्वकर्मा उनकी पत्नी सुशीला देवी एवं उनके पुत्र सुधीर कुमार विश्वकर्मा के रूप में हुई। इन तीनों को जख्मी हालत में आस पास के लोगों ने मझिआंव थाना लाया। इसके बाद पुलिस द्वारा इंज्युरी काटने के बाद रेफरल अस्पताल में सुधीर विश्वकर्मा 23 वर्ष, उसके पिता अवध विश्वकर्मा 58 वर्ष व माता सुशीला देवी 55 वर्ष का इलाज कराया गया। और सुशीला देवी की गंभीर हालत को देखते हुए चिकित्सक द्वारा बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल गढ़वा रेफर कर दिया गया। इस संबंध में घायल सुधीर कुमार विश्वकर्मा द्वारा थाना में आवेदन देकर जान माल की सुरक्षा करने व कानूनी कार्रवाई करने की मांग की गई है। थाना को दिए गए आवेदन में कहा गया है कि रविवार को सुबह में जब वह घर से बाहर निकला तो देखा कि भूसुआ गांव के सैफ अली खान अपने कई सहयोगियों के साथ लाठी डंडा व बंदूक लिए खड़ा है। इसके बाद मैं शक के आधार पर पूछा कि किसको खोज रहे हैं। इसके बाद वे लोग आग बबूला होकर गाली-गलौज करते हुए बोले कि सब बऊरा गए हो, अभी कुछ देर में बताते हैं कि किसको खोज रहे हैं। इसके बाद वे लोग चले गए और 8 बजे इबरार खान, सैफ अली खान,मुस्तकीम खान मुमताज खान, सोनू खान, नूरुद्दीन खान व हाका खान तथा 8 से 10 अन्य लोगों के साथ लाठी डंडा लेकर आए और मेरे घर में घुसकर मुझे, मेरी मां व पिता को मारपीट कर गंभीर रूप से जख्मी कर दिए। सुधीर के पिता अवध विश्वकर्मा ने बताया कि शनिवार कि रात्रि में गांव के ही सत्येंद्र पासवान के पुत्र बलवंत पासवानका बारात बिशुनपुरा में गया था। जहां पर डीजे को लेकर आपस में विवाद हुआ। बाराती पक्ष के कुछ लोगों ने उनके साथ मारपीट की थी। उसने कहा कि मेरा पुत्र उस मारपीट में नहीं था। वह तो बारात में खाना खाकर घर आ गया था। लेकिन उन लोगों ने बारात का सारा गुस्सा मेरे घर में मारपीट कर निकाला। एसआई नसीम अंसारी ने बताया कि घायलों के द्वारा दिए गए आवेदन के आलोक में प्राथमिक की दर्ज कर ली गई है आगे की प्रक्रिया जारी है। गढ़वा|कसौधन समाज के महिलाओं ने डॉ. भोला कश्यप के आवास पर भारतीय सेना के सम्मान में सभी महिलाएं एक दूसरे को सिंदूर लगा कर सिंदूर उत्सव कार्यक्रम की। वहीं भारत माता की जय, बंदे मातरम आदि नारे लगाए। इस युद्ध में शहीद हुए सेनाओं के प्रति दुख व्यक्त की। वहीं गर्व से सभी एक सुर में कहा की आतंकवादी जिस तरह पहलगाम में भारत की बहनों का सुहाग उजाड़े थे। ऐसे में देश के सैनिकों ने उन आतंकवादियों के परिवार को खत्म करने का कार्य किया। भारत के सभी सैनिकों को उनकी वीरता पर बहुत बहुत बधाई। कार्यक्रम में अध्यक्ष कंचन कश्यप, अर्चना कश्यप, नमिता कश्यप, निधि कश्यप, सीमा कश्यप, ममता कश्यप, शोभा कश्यप आदि उपस्थित थे।


