डीडवाना में बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) को एसआईआर कार्य के साथ ओबीसी सर्वे में लगाए जाने का विरोध शुरू हो गया है। बुधवार को बड़ी संख्या में बीएलओ ने उपखंड अधिकारी कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया और सरकार व मुख्यमंत्री के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारी बीएलओ ने बताया कि एसआईआर आदेश जारी होने के बावजूद उन्हें ओबीसी सर्वे का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा जा रहा है, जो अनुचित है। उन्होंने प्रशासन पर बीएलओ पर अत्यधिक कार्यभार का दबाव डालने का आरोप लगाया। इसके विरोध में सभी बीएलओ ने ओबीसी सर्वे के प्रशिक्षण शिविर का बहिष्कार किया और उन्हें इस कार्य से मुक्त करने की मांग की। बीएलओ प्रदर्शन के दौरान एसडीएम कार्यालय के सामने धरने पर बैठ गए। धरने पर मौजूद शिक्षकों ने बताया कि बीएलओ को ओबीसी सर्वे कार्य में लगाया जाना आरटीई अधिनियम 2009 की धारा 27 के प्रावधानों के विरुद्ध है। उन्होंने यह भी कहा कि एसआईआर का कार्य अभी तक पूर्ण नहीं हुआ है और शिक्षक अभी भी इसमें लगे हुए हैं। शिक्षकों ने बताया कि एक ओर एसआईआर का कार्य चल रहा है, वहीं दूसरी ओर उन्हें अपने-अपने विद्यालयों में शिक्षण कार्य भी करना होता है। बच्चों को पढ़ाने में लापरवाही होने पर उन्हें विभागीय कार्रवाई और नोटिस का सामना करना पड़ता है, जिससे शिक्षकों पर मानसिक दबाव बढ़ रहा है। धरने पर बैठे बीएलओ ने आरोप लगाया कि शिक्षकों को लगातार गैर-शैक्षणिक कार्यों में लगाया जा रहा है, जिसका सीधा असर बच्चों की पढ़ाई पर पड़ रहा है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि ओबीसी सर्वे कार्य में अन्य विभागीय कार्मिकों को लगाया जाए और बीएलओ को इस अतिरिक्त जिम्मेदारी से मुक्त किया जाए।


