डीडवाना कलेक्टर डॉ. महेंद्र खड़गावत की अभिनव पहल ‘सेफ आई, सेफ फ्यूचर’ अभियान अब धरातल पर असर दिखा रहा है। इस अभियान के प्रथम चरण में जिले के 590 विद्यार्थियों को नि:शुल्क चश्मे वितरित किए गए। कमजोर दृष्टि के कारण पढ़ाई में कठिनाई झेल रहे विद्यार्थियों को चश्मे मिलने पर उनके चेहरों पर खुशी साफ दिखाई दी।
चश्मा वितरण कार्यक्रम डीडवाना स्थित मालियान सूर्य मंदिर परिसर में आयोजित किया गया। इस अवसर पर जिला कलेक्टर डॉ. महेंद्र खड़गावत और जिला पुलिस अधीक्षक ऋचा तोमर मौजूद रहीं। डीडवाना, लाडनूं और मौलासर क्षेत्र के 590 विद्यार्थियों को जिला कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक ने स्वयं अपने हाथों से चश्मे पहनाकर प्रोत्साहित किया। जिला कलेक्टर के निर्देशन में राजकीय विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों की नेत्र जांच के लिए ‘सेफ आई, सेफ फ्यूचर’ अभियान को सुव्यवस्थित और प्रभावी ढंग से संचालित किया गया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में दृष्टि संबंधी समस्याओं की समय रहते पहचान कर उनका इलाज सुनिश्चित करना है, जिससे उनके शैक्षणिक विकास और स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव पड़े।
इस अवसर पर जिला कलेक्टर डॉ. महेंद्र खड़गावत ने बताया कि वर्तमान समय में मोबाइल और अन्य डिजिटल उपकरणों के बढ़ते उपयोग से बच्चों में आंखों से जुड़ी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। बच्चों का नेत्र स्वास्थ्य सीधे उनकी शिक्षा और भविष्य से जुड़ा है। यदि समय रहते दृष्टि दोष का पता चल जाए तो गंभीर समस्याओं से बचा जा सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि प्रथम चरण में 590 विद्यार्थियों को नि:शुल्क चश्मे दिए गए हैं, जबकि शेष पात्र विद्यार्थियों को चरणबद्ध तरीके से चश्मे वितरित किए जाएंगे।
जिला शिक्षा अधिकारी अजीत सिंह देथा और सीएमएचओ डॉ. नरेंद्र चौधरी ने जानकारी दी कि अभियान के तहत अब तक 1 लाख 35 हजार से अधिक विद्यार्थियों की प्रारंभिक नेत्र जांच की जा चुकी है। इनमें से 11 हजार से ज्यादा विद्यार्थियों की दृष्टि कमजोर पाई गई, जबकि लगभग 4 हजार विद्यार्थियों को चश्मे की आवश्यकता चिन्हित की गई। जिला पुलिस अधीक्षक ऋचा तोमर ने अभियान की सराहना करते हुए कहा कि अत्यधिक मोबाइल उपयोग बच्चों की आंखों के साथ-साथ उनके व्यवहार पर भी असर डाल रहा है।


