चामुंडा माता चौराहे से फ्रीगंज पहुंचने वाला रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) टूलेन नहीं अब फोरलेन बनेगा। इसकी चौड़ाई 21.40 मीटर रहेगी। इसके लिए सेतु निर्माण के अधिकारी डीपीआर अपडेट कर स्वीकृति के लिए शासन को भेजने सहित अन्य कवायद में जुटे हुए हैं। ऐसा इसलिए किया जा रहा है, क्योंकि वर्तमान वाले फ्रीगंज पुल की उम्र लगभग पूरी हो चुकी है, उसे कभी भी डिस्मेंटल करना पड़ सकता है।
नए व पुराने शहर को जोड़ने के लिए लंबे समय से चामुंडा माता-फ्रीगंज वाले के समानांतर नए ब्रिज की मांग चली आ रही थी। इसे पूरा करते हुए हाल ही में सीएम डॉ. मोहन यादव ने इसके लिए भूमि पूजन भी किया है। भूमि पूजन फोरलेन ब्रिज के लिए ही हुआ है लेकिन सेतु निर्माण के अधिकारियों को यहां काम शुरू करने के पहले रेलवे सहित कई विभागों से समन्वय बनाना पड़ रहा है। इन सभी से समन्वय के आधार पर डीपीआर भी अपडेट कर शासन को भेजना पड़ रही है, ताकि उसके हिसाब से स्वीकृति आ जाए और काम शुरू हो सके। कुछ दिन पहले ही सेतु निर्माण के अधिकारियों ने रेलवे के अधिकारियों के साथ बैठक व मौके का निरीक्षण किया, क्योंकि अब ब्रिज के लिए ज्यादा जमीन चाहिएगी। रेलवे से इसके लिए स्वीकृति लेना भी जरूरी है। ब्रिज को समय सीमा में पूरा करने की चुनौती माना जा रहा था कि मुख्यमंत्री के भूमि पूजन के बाद ब्रिज का निर्माण जल्द शुरू हो जाएगा लेकिन अभी तमाम विभागों से समन्वय व परमिशन होना बाकी है। मुख्य रूप से तो रेलवे से। इसके बाद मौके पर काम शुरू हो सकेगा। ऐसे में इस आरओबी को समय सीमा में पूरा करने की चुनौती सेतु निर्माण के अधिकारियों के सामने रहने वाली है। फोरलेन से ये होंगे प्रभावित } बिनोद मिल परिसर के करीब 20 परिवार। } कुष्ठधाम बस्ती के करीब 16 परिवार। } रेलवे के आठ क्वार्टर। पहले आधा हिस्सा प्रभावित हो रहा था, अब पूरे प्रभावित की आशंका है। चौराहे भी डेवलप होंगे इस आरओबी के दोनों मुहाने पर आने वाले चौराहे भी डेवलप किए जाएंगे। बीच में रोटरी आई तो उसे हटाकर नया निर्माण होगा। फोरलेन आरओबी की लागत बढ़ने की आशंका है। ब्रिज के लिए रेलवे सहित अन्य विभाग से कर रहे समन्वय चामुंडा माता चौराहे से फ्रीगंज वाला आरओबी फोरलेन बनेगा। डीपीआर अपडेट कर स्वीकृति के लिए शासन को भेज रहे हैं। दूसरी तरफ रेलवे सहित अन्य विभागों से समन्वय भी बना रहे हैं। उम्मीद हैं कि मौके पर जल्द निर्माण शुरू करेंगे और समय सीमा में काम पूरा करेंगे। – पीएस पंत, कार्यपालन यंत्री, सेतु


