भास्कर न्यूज | छिपादोहर पलामू टाइगर रिजर्व के छिपादोहर पूर्वी वन क्षेत्र में अवैध बीड़ी पत्ता कारोबार पर वन विभाग ने कार्रवाई शुरू कर दी है। इस संबंध में डीएफओ को सूचना मिली थी कि पीटीआर क्षेत्र में अवैध केंदू पत्ते का कारोबार हो रहा है। इसके बाद रेंजर अजय टोप्पो के निर्देश पर प्रभारी वनपाल नवीन प्रसाद के नेतृत्व में एक टीम बनाई गई। टीम ने टोंगारी इलाके में अभियान चलाया। वन विभाग की टीम को देखते ही तस्कर मौके से भाग गया। टीम ने मौके से 10 बोरा अवैध केंदू पत्ता जब्त किया। जब्त पत्तों को वन कार्यालय लाया गया है। रेंजर अजय टोप्पो ने बताया कि पीटीआर क्षेत्र में अवैध केंदू पत्ता कारोबार की सूचना मिली है। इस कारोबार में शामिल माफियाओं के खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी। गौरतलब है कि पीटीआर क्षेत्र में इस कारोबार की सख्त मनाही है फिर भी तस्कर द्वारा हर साल अवैध केंदू पत्ते का कारोबार बेरोकटोक किया जाता है, जिसमे सरकार को करोड़ों रुपए के राजस्व का नुकसान होता है। भास्कर न्यूज | लातेहार छिपादोहर पंचायत के ग्राम जुरुहार के पीडीएस दुकानदार मोगल उरांव और उनके बेटों रविन्द्र उरांव व डिम्पल उरांव पर कार्डधारियों ने अभद्र व्यवहार का आरोप लगाया है। ग्रामीणों ने उपायुक्त और जिला आपूर्ति पदाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर शिकायत की है। कार्डधारी किस्मतिया देवी, मानव देवी, विशाखा देवी, लीलावती देवी, सुवंती देवी, तेतरी देवी, संगीता देवी, ललिता देवी ने बताया कि जब वे डीलर मोगल उरांव की दुकान से राशन लेने जाते हैं, तो उनके बेटे रविन्द्र और डिम्पल उनसे गलत भाषा में बात करते हैं। कार्डधारियों ने कहा कि डीलर द्वारा जुरुहार से राशन बांटा जाता है। जबकि उसे छिपादोहर में राशन बांटना है। राशन लेने के लिए हमलोगों को कई किलो मीटर दूर जुरुहार जाना पड़ता है। छिपादोहर में राशन बांटने की बात कही जाती है, तो गली गलौज की जाती है। छतरपुर| छतरपुर अनुमंडल कार्यालय में कंप्यूटर ऑपरेटर के पद पर नौकरी दिलाने को लेकर एक युवक से पैसा ठगी करने का मामला प्रकाश में आया है। इस संदर्भ में भुक्तभोगी मदनपुर निवासी नागेंद्र ठाकुर ने बताया कि उसे आउट सोर्सिंग कंपनी शिवा प्रोटेक्शन फोर्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा अनुमंडल कार्यालय में कंप्यूटर ऑपरेटर के पद पर नौकरी दिलाने के नाम पर कऊवल निवासी मनोज ठाकुर ने 15 माह पहले 20 हजार रुपए लिए। योगदान कराने के लिए नियुक्ति पत्र और आईडी कार्ड बनाकर दे दिया। जिसकी जांच कराई तो फर्जी निकला। इसके बाद वह योगदान करने नहीं गया। पैसा वापस मांगने गया तो वह पैसा वापस करने से इनकार कर दिया । ठगी किए जाने का मामला को लेकर थाना में आवेदन दिया है।


