डीसी के निरीक्षण के बाद आयी काम में तेजी, 11 में से 7 स्थानों पर पूर्ण हुआ पानी टंकी का निर्माण

भास्कर न्यूज | सरायकेला अध्यक्ष सह अधिवक्ता ओमप्रकाश के नेतृत्व में सामाजिक संगठन जन कल्याण मोर्चा, आदित्यपुर के एक प्रतिनिधि मंडल ने आज सीतारामपुर जलाशय के निर्माणाधीन वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट का अवलोकन किया तथा संबंधित कार्य की अद्यतन प्रगति की जानकारी प्राप्त की, इस दौरान पाया गया कि जिला उपायुक्त नीतीश कुमार सिंह एवं अन्य पदाधिकारियों द्वारा विगत 19 जुलाई को सीतारामपुर वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट का निरीक्षण करने के बाद काम में काफी तेजी आई है। विदित हो कि जुडको के पदाधिकारी द्वारा आश्वस्त किया गया था कि दिसंबर_2025 तक 30 एमएलडी क्षमता वाले सीतारामपुर डैम के वाटर ट्रीटमेंट प्लांट से जलापूर्ति प्रारंभ हो जाएगी। कार्य की प्रगति को देखकर ऐसा संभव होता प्रतीत हो रहा है, बशर्ते कि जिंदल मैनपावर को बढ़ाएं। इस दौरान ज़ुडको के स्थानीय प्रोजेक्ट मैनेजर नयन मोदक ने बताया कि आदित्यपुर नगर निगम क्षेत्र अंतर्गत कुल 11 स्थानों पर पानी टंकी का निर्माण किया जाना है, जिसमें से 7 स्थानों पर पानी टंकी का निर्माण पूर्ण हो चुका है। जबकि दो पानी टंकी निर्माणाधीन है, जिसे एक माह की अवधि में पूर्ण कर लिया जाएगा।जबकि निर्माण अधीन है जो एक महीने में कंप्लीट हो जाएगा और एक पानी टंकी फॉरेस्ट क्लीयरेंस न मिलने के कारण एक स्थान पर पानी टंकी का निर्माण अभी प्रारंभ नहीं हुआ है। उम्मीद है कि जल्द हीं फॉरेस्ट क्लीयरेंस मिल जाएगा और उसके बाद तेज गति से निर्माण होगा। सापड़ा में टीम ने आदित्यपुर नगर निगम क्षेत्र अंतर्गत सापड़ा में बन रहे 60 एमएलडी वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट के संबंध में भी जानकारी प्राप्त की। टीम को बताया गया कि ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण कार्य पूर्ण रूप से मार्च_2026 तक पूर्णतः पूर्ण हो सकेगा, इसमें सबसे बड़ी बाधा 33 केवीए ट्रांसमिशन लाइन ले जाने के लिए फॉरेस्ट की भूमि है, जिसका एनओसी अब शीघ्र मिलने की संभावना है। उल्लेखनीय है कि आदित्यपुर नगर निगम क्षेत्र में लगभग 395 करोड़ रुपए की लागत से दो वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट सापड़ा में 60 एमएलडी एवं सीतारामपुर में 30 एमएलडी का निर्माण कर आदित्यपुर नगर निगम क्षेत्र के लगभग 50,000 परिवार को पेयजल उपलब्ध कराने के लिए निविदा निकाली गई थी। निविदा अनुसार, इस काम को 4 दिसंबर_2018 से प्रारंभ कर 3 दिसंबर_2021 तक समाप्त किया जाना था, परन्तु वर्ष_2022 तक जब किसी तरह का कोई काम प्रारंभ नहीं हुआ, तो सामाजिक संगठन जन कल्याण मोर्चा के अध्यक्ष अधिवक्ता ओम प्रकाश के द्वारा झारखंड उच्च न्यायालय, रांची में जनहित याचिका संख्या डब्ल्यूपी(पीआईएल)_3629 /2023 दायर किया गया था, जिसकी पैरवी झारखंड उच्च न्यायालय, रांची में अधिवक्ता मनोज कुमार चौबे कर रहे हैं। Bइस मामले में सुनवाई प्रारंभ होने के बाद सरकार हरकत में आई, इस योजना के लिए वन विभाग से एनओसी दिलाने में तत्कालीन जिला उपायुक्त अरवा राजकमल, रवि शंकर शुक्ला जी एवं वर्तमान उपायुक्त नीतीश कुमार सिंह का बहुत सहयोग रहा है।उम्मीद है कि मार्च_2026 तक यह प्रोजेक्ट पूर्ण हो जाएगा तथा जलापूर्ति के मामले में आदित्यपुर नगर निगम स्वालम्बी हो सकेगा। इस पूरे प्रोजेक्ट में सिंचाई विभाग ने उच्च न्यायालय में शपथ पत्र देकर अवगत कराया है कि सीतारामपुर डैम में गजिया बराज से पर्याप्त पानी उपलब्ध कराया जाएगा। झारखंड उच्च न्यायालय इस मामले पर भी गंभीर है कि जलापूर्ति योजना, सीवेज योजना एवं गैस पाइप लाइन, टेलीफोन केबुल आदि बिछाने बिछाने के क्रम में खोदे गए गड्ढे का ठीक से रेस्टोरेशन हुआ है या नहीं? मोर्चा के अध्यक्ष सह अधिवक्ता ओमप्रकाश ने बताया कि झारखंड उच्च न्यायालय में 27 नवंबर को इस मामले की सुनवाई की तिथि निर्धारित है।

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