शहर की सरकार बने 36 दिन हो चुके हैं, लेकिन ग्राउंड पर काम नहीं दिखा है। डी-सिल्टिंग न होने से निगम हद में आज भी 14 कॉलोनियों में सीवर ब्लॉक की समस्या बनी हुई है। यहां पर मैनहोल से सीवर का पानी बहता है, जो गलियों में जमा है। नियमित गंदा पानी बहने से बीमारी फैलने का खतरा भी बना रहता है। वार्ड-59 के बस्ती बावा खेल में पांच महीने से गली में सीवर का पानी जमा है। इससे 50 हजार से अधिक की आबादी प्रभावित है। कौंसलर और निगम अधिकारियों को लिखित शिकायत दी, लेकिन सीवर की सफाई नहीं हो सकी है। सीवर की दुर्गंध से लोग बेहाल हैं। मालूम हो कि 11 जनवरी को वनीत धीर मेयर बने थे। निगम में दो साल के बाद हाउस का गठन हुआ है। मेयर ने सीवर और सफाई को समस्या को प्राथमिकता बताई। इसके लिए ओएंडएम ब्रांच के अधिकारियों के साथ मीटिंग की। इसमें तय हुआ कि सभी हलकों में मेन सीवर लाइन के डी-सिल्टिंग के टेंडर लगाए जाएंगे। सीवर की सफाई को नई मशीनरी भी खरीदी जाएंगी। सीवर जैटिंग मशीन भी खरीदी जाएगी। इन वादों का ग्राउंड पर काम नहीं दिख रहा ।


