डूंगरपुर जिले में 4 नई पंचायत समितियों और 87 नई ग्राम पंचायतों के गठन के बाद पंचायतीराज की तस्वीर भी बदल गई है। जिले में अब 12 की जगह 16 पंचायत समितियां होगी, जबकि 353 की जगह 440 ग्राम पंचायतें होगी। इसका असर राजनीति रूप से भी देखने को मिलेगा। सबसे ज्यादा असर सागवाड़ा, गलियाकोट के अलावा सीमलवाड़ा पंचायत समिति पर पड़ा है। इन तीनों पंचायत समितियों की पंचायतों को इधर उधर कर नई पंचायत समितियां बनाई गई हैं। नई पंचायत समितियां बनने के बाद भी सभी पंचायत समितियों में ग्राम पंचायतों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। डूंगरपुर जिले में अब तक 12 पंचायत समितियों में 353 ग्राम पंचायतें थी, लेकिन पंचायतीराज के पुनर्गठन के बाद डूंगरपुर जिले में पाड़वा, सरोदा, ओबरी और भंडारी को नई पंचायत समिति बनाया गया है। जिले में अब 16 पंचायत समितियां होंगी। वहीं 87 ग्राम पंचायतें नई बनाई गई हैं। इसके बाद पंचायतों की संख्या भी 440 हो गई है। सागवाड़ा और गलियाकोट पंचायत समितियों में 26 पंचायतें नई बनी
जिले की सागवाड़ा पंचायत समिति में सबसे ज्यादा 53 ग्राम पंचायतें हैं, जबकि गलियाकोट में 30 पंचायतें। दोनों पंचायत समितियों में 26 ग्राम पंचायतें नई बनी हैं। इन दोनों की पंचायत समितियों से अलग होकर 3 नई पंचायत समितियां बनाई गई हैं। सागवाड़ा, गलियाकोट के साथ ही पाडवा, सरोदा और ओबरी नई पंचायत समितियां बनी हैं। इसके अलावा सीमलवाड़ा पंचायत समिति में 37 पंचायतें थी। यह नई पंचायतें बनाकर भंडारी को नई पंचायत समिति बनाया है। सीमलवाड़ा में अब 35 और भंडारी में 21 पंचायतें होंगी।


