डूंगरपुर मेडिकल कॉलेज में केंद्र सरकार की ओर से मल्टी डिसिप्लिनरी रिसर्च यूनिट (एमडीआरयू) की स्थापना की गई है। इस यूनिट के माध्यम से विभिन्न विभाग आपसी समन्वय के साथ आदिवासी बहुल क्षेत्र में फैली गंभीर बीमारियों पर डॉक्टर शोध कार्य करेंगे। इससे डूंगरपुर में दोनों की बीमारियों की वजह ओर उससे निजात दिलाने के प्रयास भी किए जाएंगे। कार्यवाहक प्रिंसिपल डॉ. रूपेश कुमार ने बताया कि यह यूनिट क्षेत्र की स्वास्थ्य चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए शुरू की गई है। जिससे स्थानीय स्तर पर बीमारियों की पहचान, रोकथाम और इलाज में ठोस सुधार संभव हो सकेगा। एनीमिया और सर्वाइकल कैंसर पर शोध कार्य होंगे
प्रारंभिक चरण में कम्यूनिटी मेडिसिन और मेडिसिन विभाग संयुक्त रूप से एनीमिया और सर्वाइकल कैंसर पर शोध कार्य करेंगे। आदिवासी क्षेत्रों में महिलाओं और बच्चों में एनीमिया और कुपोषण की समस्या गंभीर रूप से देखी जाती है। वहीं सर्वाइकल कैंसर भी महिलाओं में तेजी से बढ़ती बीमारी के रूप में सामने आ रहा है। इन बीमारियों के कारणों, प्रभाव और रोकथाम के उपायों को वैज्ञानिक आधार पर समझने के लिए विस्तृत अध्ययन किया जाएगा। अत्याधुनिक लैब की स्थापना हुई
रिसर्च के लिए मेडिकल कॉलेज परिसर में अत्याधुनिक लैब की स्थापना कर दी गई है। इस लैब में ब्लड एनालाइजर, बायोकेमिकल एनालाइजर, माइक्रोस्कोप, सेंट्रीफ्यूज मशीन, पीसीआर मशीन सहित कई आधुनिक उपकरण लगाए गए हैं। इन उपकरणों की मदद से रक्त की जांच, हीमोग्लोबिन स्तर की माप, पोषण संबंधी तत्वों की कमी का विश्लेषण और कैंसर से संबंधित कोशिकीय परिवर्तनों की जांच की जा सकेगी। सर्वे कर मरीजों की पहचान की जाएगी
रिसर्च की प्रक्रिया के तहत सबसे पहले चयनित क्षेत्रों में सर्वे कर मरीजों की पहचान की जाएगी। कम्यूनिटी मेडिसिन विभाग की टीम गांव-गांव जाकर स्वास्थ्य शिविर आयोजित करेगी। जहां लोगों की प्राथमिक जांच की जाएगी। जिन लोगों में एनीमिया या कुपोषण के लक्षण पाए जाएंगे, उनके रक्त के नमूने लैब में भेजे जाएंगे। हीमोग्लोबिन स्तर, आयरन, फोलिक एसिड और अन्य पोषक तत्वों की जांच कर बीमारी की पुष्टि की जाएगी।


