भास्कर न्यूज | कांकेर ग्राम डूमरपानी में धार्मिक व सामाजिक आयोजन हुआ। इसमें एक ही परिवार के 14 सदस्यों ने अपने मूल सनातन धर्म में वापसी की। वे ग्राम देवी के सान्निध्य में पूजा-पाठ, हवन व क्षमा याचना कर सनातन परंपरा में पुन सम्मिलित हुए। ग्रामवासियों द्वारा परिवार के सदस्यों का रामचरितमानस, श्रीमद् भगवद्गीता व राम दरबार की फोटो फ्रेम भेंट कर स्वागत किया। इसके साथ ही भगवा तिलक लगाकर व जय श्रीराम के उद्घोष के साथ उनका अभिनंदन किया गया। आयोजन के दौरान ग्रामीणों ने इसे सामाजिक समरसता व पारंपरिक आस्था से जुड़ा अवसर बताया। कार्यक्रम में बाल कथा व्यास नीतराज (बागेश्वरधाम शिष्य) ने सनातन धर्म के मूल सिद्धांतों, भारतीय संस्कृति व परंपराओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि सनातन परंपरा सहिष्णुता, करुणा व आत्मिक शुद्धता का मार्ग दिखाती है और व्यक्ति को समाज से जोड़ने का कार्य करती है। इस अवसर पर पांचूराम मंडावी, सोनाराम सिन्हा, कुलेश्वर निषाद, परमानंद पटेल, माखन मंडावी, वासुदेव बघेल, पंचराम शोरी, राजकुमार पटेल, झाड़ूराम पटेल, गायता सोनाराम कोड़ोपी उपस्थित थे।


