डेढ़ करोड़ की डायमंड ज्वेलरी ने खींचा सबका ध्यान:विष्णु के दशावतारों से सजी एंटीक ज्वेलरी, 35 किलो सिल्वर से बना ताजमहल

जयपुर के JECC सीतापुरा में तीन दिन का ‘जयपुर ज्वेलरी शो’ शुरू हो गया है। पुरानी और मंदिरों में पहनी जाने वाली ज्वेलरी भी लोगों को पसंद आ रही है। इस बार शो में डेढ़ करोड़ रुपए की हीरे की ज्वेलरी ने सबका ध्यान खींचा है। साथ ही, 250 कैरेट के एमरल्ड डायमंड का सेट और भगवान विष्णु के दस अवतारों को दिखाती पुरानी ज्वेलरी भी रखी गई है। 35 किलो सिल्वर से बना ताजमहल आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। शो में 9 कैरेट गोल्ड ज्वैलरी का नया कलेक्शन छाया हुआ है। शो में देशभर के नामी ज्वैलर्स ने अपने खास कलेक्शन प्रदर्शित किए हैं। सोने के साथ लकड़ी के काम वाली ज्वैलरी, एंटीक शोपीस, देवी-देवताओं की थीम पर तैयार ज्वैलरी और किफायती दामों में नई कैटेगरी की गोल्ड ज्वैलरी भी शो का हिस्सा है। जयपुर ज्वेलरी शो: क्या रहा इस बार खास… गोल्ड और वुडन एलिमेंट वाली ज्वेलरी
टाटीवालाज गहना के ओनर संचित टाटीवाला ने बताया- इस बार गोल्ड के साथ वुडन एलिमेंट को मिलाकर खास ज्वैलरी तैयार की गई है। ट्रेडिशनल लुक के साथ यह कलेक्शन अलग पहचान बना रहा है और खास तौर पर एथनिक वियर के साथ इसे पसंद किया जा रहा है। 150 ग्राम की टेंपल एंटीक ज्वैलरी, 51 रूपों में लक्ष्मी
कपिश ज्वैलर्स की ओर से 150 ग्राम वजनी टेंपल एंटीक ज्वेलरी शोकेस की गई है। इसे तैयार करने में 5 से 6 कारीगरों ने करीब 40 से 45 दिन लगाए। कपिश ज्वैलर्स के पंकज ताम्बी ने बताया कि इस ज्वैलरी में लक्ष्मी के 51 अलग-अलग रूपों को उकेरा गया है। इसके साथ शुभता के प्रतीक गजराज को भी शामिल किया गया है। सेंटर में लक्ष्मी जी को उनके वाहन उल्लू पर सवार दिखाया गया है। ज्वैलरी की खूबसूरती बढ़ाने के लिए इसमें स्टोन का इस्तेमाल किया गया है। दिवाली पूजन से इस डिजाइन का आइडिया आया और फिर इसे तैयार किया गया। इसकी कीमत 25 से 30 लाख रुपए के बीच बताई जा रही है। राम मंदिर थीम और विष्णु जी के दशावतार शोपीस
शो में राम मंदिर थीम पर तैयार 150 ग्राम वजन की ज्वैलरी भी आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। इसके अलावा भगवान विष्णु के दशावतार को दर्शाती एंटीक शोपीस ज्वैलरी भी शोकेस की गई है, जिसे खास तौर पर कलेक्टर्स और ट्रेडिशनल ज्वैलरी पसंद करने वाले लोग देख रहे हैं। 9 कैरेट हॉलमार्क गोल्ड ज्वैलरी का नया कलेक्शन
अनूपचंद तिलोकचंद ज्वैलर्स के ओनर सौरभ बरडिया और चांदनी बरडिया ने बताया कि उनके यहां इस बार डायमंड ज्वैलरी के साथ 9 कैरेट गोल्ड ज्वैलरी का खास कलेक्शन पेश किया गया है। गवर्नमेंट ने हाल ही में 9 कैरेट हॉलमार्क ज्वैलरी को मान्यता दी है। जिसे ध्यान में रखते हुए ‘हैवियर कलेक्शन’ तैयार किया गया है। सौरभ ने बताया कि आमतौर पर डायमंड ज्वैलरी 18 और 14 कैरेट में ही बनाई जाती है। कैरेट बढ़ने पर गोल्ड का वजन कम हो जाता है। उन्होंने 9 कैरेट में 60 ग्राम का सेट तैयार किया है, जो अगर 18 कैरेट में होता तो करीब 90 ग्राम का बनता। ऐसे में 18 कैरेट में इसकी कीमत करीब 10 लाख रुपए होती, जबकि 9 कैरेट में यही सेट करीब 6 लाख रुपए में तैयार हो गया। केवल गोल्ड की कीमत में ही 50 से 60 फीसदी तक का फर्क आ जाता है। उन्होंने यह भी बताया कि 9 कैरेट गोल्ड थोड़ा हार्ड होता है, इसलिए इसे तैयार करने में लेबर और मेहनत ज्यादा लगती है। चांदनी बरडिया ने बताया कि यह ज्वैलरी अफोर्डेबल होने के साथ-साथ हल्की भी होती है, जिससे क्लाइंट को पहनने में आसानी रहती है। हैवी वेट ज्वैलरी पहनना कई बार मुश्किल हो जाता है, जबकि लाइट ज्वैलरी ज्यादा कंफर्टेबल रहती है। 9 कैरेट में 18 कैरेट जैसा लुक मिल जाना इसका बड़ा फायदा है। 35 किलो सिल्वर से बना ताजमहल बना आकर्षण का केंद्र
शो में डायमंड और गोल्ड ज्वैलरी के साथ 35 किलो सिल्वर से बना ताजमहल आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। हैदराबाद के करणी ज्वेलर्स के ओनर कुंदन लाल वर्मा ने बताया कि इसे बनाने में 4 साल लगे और 5000 मीटर सिल्वर वायर का इस्तेमाल किया गया है। उनकी टीम ने लंबे समय तक बारीकी से काम कर इसे तैयार किया है। शो में यह सिल्वर ताजमहल एंटीक कलेक्शन के तहत खास आकर्षण बना हुआ है। 9 कैरेट हॉलमार्क गोल्ड ज्वेलरी का नया कलेक्शन
अनूपचंद तिलोकचंद ज्वैलर्स के ओनर सौरभ बरडिया और चांदनी बरडिया ने बताया कि उनके यहां इस बार डायमंड ज्वेलरी के साथ 9 कैरेट गोल्ड ज्वैलरी का खास कलेक्शन पेश किया गया है। गवर्नमेंट ने हाल ही में 9 कैरेट हॉलमार्क ज्वैलरी को मान्यता दी है। जिसे ध्यान में रखते हुए ‘हैवियर कलेक्शन’ तैयार किया गया है। सौरभ ने बताया कि आमतौर पर डायमंड ज्वैलरी 18 और 14 कैरेट में ही बनाई जाती है। कैरेट बढ़ने पर गोल्ड का वजन कम हो जाता है। उन्होंने 9 कैरेट में 60 ग्राम का सेट तैयार किया है, जो अगर 18 कैरेट में होता तो करीब 90 ग्राम का बनता। ऐसे में 18 कैरेट में इसकी कीमत करीब 10 लाख रुपए होती, जबकि 9 कैरेट में यही सेट करीब 6 लाख रुपए में तैयार हो गया। केवल गोल्ड की कीमत में ही 50 से 60 फीसदी तक का फर्क आ जाता है।उन्होंने यह भी बताया कि 9 कैरेट गोल्ड थोड़ा हार्ड होता है, इसलिए इसे तैयार करने में लेबर और मेहनत ज्यादा लगती है। चांदनी बरडिया ने बताया कि यह ज्वैलरी अफोर्डेबल होने के साथ-साथ हल्की भी होती है, जिससे क्लाइंट को पहनने में आसानी रहती है। हैवी वेट ज्वैलरी पहनना कई बार मुश्किल हो जाता है, जबकि लाइट ज्वैलरी ज्यादा कंफर्टेबल रहती है। 9 कैरेट में 18 कैरेट जैसा लुक मिल जाना इसका बड़ा फायदा है। डेढ़ करोड़ की डायमंड ज्वैलरी बनी शो की चर्चा
जयपुर ज्वेलरी शो में डायमंड की कई महंगी ज्वैलरी भी शोकेस की जा रही हैं। इनमें एक खास डायमंड ज्वैलरी सेट की कीमत करीब 1.5 करोड़ रुपए बताई जा रही है। इसे तैयार करने में 60 से 65 दिन का समय लगा है। इस ज्वेलरी को तैयार करने वाले ज्वेलर सिद्धार्थ बरडिया ने बताया कि इसमें एक सिंगल सॉलिटेयर डायमंड के साथ करीब 100 कैरेट डायमंड लगाए गए हैं। जब कोई डिजाइन पहली बार तैयार किया जाता है तो हर एक डायमंड के साइज, कट और क्वालिटी पर बारीकी से काम करना पड़ता है, इसलिए इसमें ज्यादा समय लगता है। आगे चलकर इसी डिजाइन पर दूसरा सेट 15 से 20 दिन में तैयार किया जा सकता है। 250 कैरेट एमरल्ड डायमंड वाला खास सेट
शो में एमरल्ड डायमंड ज्वैलरी सेट भी लोगों का ध्यान खींच रहा है। इस सेट में 250 कैरेट रियल एमरल्ड डायमंड का इस्तेमाल किया गया है। इसे बनाने में 35 से 40 दिन का समय लगा। इसमें अलग-अलग शेप के डायमंड लगाए गए हैं। एक ही सेट में सिमिलर और अलग शेप के डायमंड सिलेक्ट करना काफी चुनौतीपूर्ण होता है।इस ज्वैलरी सेट को हाल ही में ‘बेस्ट ज्वैलरी डिजाइनर ऑफ द ईयर’ का अवॉर्ड भी मिल चुका है। तीन दिन तक चलने वाले इस जयपुर ज्वेलरी शो में ट्रेडर्स के साथ-साथ आम लोग भी बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं और ट्रेडिशनल से लेकर लग्जरी ज्वैलरी तक के कलेक्शन को करीब से देख रहे हैं।

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