धरियावद उप जिला अस्पताल में चिकित्सा व्यवस्था की खस्ता हालत और डॉक्टरों की कथित लापरवाही के कारण एक माह में दो मरीजों की मौत का आरोप लगाते हुए विप्र फाउंडेशन प्रतापगढ़ ने कलेक्टर डॉ. अंजली राजोरिया को चिकित्सा मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा है। पीड़ित लोकेश भारद्वाज ने बताया कि उनकी माता की मृत्यु अस्पताल में डॉक्टरों की लापरवाही के कारण हुई। अस्पताल में स्वीकृत 20-22 डॉक्टरों के पदों के विरुद्ध मात्र 12 डॉक्टर कार्यरत हैं, जिनमें से ओपीडी के समय सिर्फ एक डॉक्टर ही मौजूद रहता है। इतना ही नहीं, नर्सिंग स्टाफ के देर से आने और अस्थायी कर्मचारियों द्वारा खाली ऑक्सीजन सिलेंडर लगाने जैसी गंभीर लापरवाही के कारण मरीजों की जान जोखिम में पड़ रही है। विप्र फाउंडेशन के जिला अध्यक्ष गणपत लाल शर्मा के नेतृत्व में दिए गए ज्ञापन में डॉ. जितेंद्र बगड़िया के पिछले दो वर्षों के कार्यकाल की उच्चस्तरीय जांच की मांग की गई है। साथ ही उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित करने की मांग भी की गई है। ज्ञापन देने वालों में युवा प्रकोष्ठ के प्रदेश उपाध्यक्ष विकास शर्मा, जिला अध्यक्ष प्रतीक शर्मा, बंसीलाल शर्मा, विनीत शर्मा, कोषाध्यक्ष पीयूष शर्मा, युवा प्रकोष्ठ महामंत्री लोकेश शर्मा, रविंद्र शर्मा और जिला मीडिया प्रभारी शुभम भट्ट सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद थे।


