राजेंद्रनगर क्षेत्र में होम्योपैथ डॉ. सुनील साहू की गोली मारकर की गई हत्या में अहम सुराग मिले हैं, लेकिन आरोपियों की पहचान और हत्या की वजह पता नहीं चली है। हत्यारों ने जिस ढंग से वारदात की है, उससे वे प्रोफेशनल किलर लग रहे हैं। बदमाशों ने क्लिनिक से 500 मीटर पहले एक मजदूर से फोन लेकर डॉक्टर के नंबर पर कॉल कर कहा था कि- ‘सर हम आपसे इलाज करवा चुके हैं, फिर से बीमार हैं। आपका इलाज अच्छा है, क्लिनिक पर आ जाएं क्या’, इसके बाद वे सर्दी जुकाम के इलाज के बहाने पहुंचे और गोली मारकर डॉक्टर की हत्या कर दी। घटना स्थल के पास एक कार मिली है। आशंका है कि इसी से बदमाश आए, बाद में इसी से भागे होंगे।
एडिशनल डीसीपी आलोक शर्मा ने बताया कि घटना के बाद पूरे क्षेत्र को सर्विलांस पर ले रखा है। उस क्षेत्र के सभी थानों, खुफिया के जवानों की टीम कैमरों से घटना स्थल व आसपास के इलाके की सर्चिंग कर रही है। चार टीमें पड़ताल में लगाई हैं। एक टीम गुना भेजी है। परिजन के अलग-अलग बयान ले रहे हैं। किसी से विवाद या संपत्ति से जुड़े मामले में कोई झगड़े का बिंदु भी सामने नहीं आया है। डॉक्टर सुनील व उनकी पत्नी के कॉल रिकॉर्ड भी चेक कर रहे हैं। वे जिस अस्पताल में काम करते थे, वहां के लोगों को भी पूछताछ के लिए बुलाया है। बेटे का शव देखते ही फफक पड़े पिता शनिवार को परिजन ने निर्णय लिया कि वे अंतिम संस्कार पैतृक गांव गुना (कुंभराज) में करेंगे। इकलौते जवान बेटे को खोकर बुजुर्ग पिता जगदीश प्रसाद साहू के आंसू नहीं रुक रहे थे। यही बोल रहे थे- सुनील मेरे कलेजे का टुकड़ा था। बड़ी मेहनत कर डॉक्टर बना था। उसे भी भगवान ने उठा लिया। सुनील की दो बहनें हैं। छोटी की शादी की तैयारी चल रही है। पिता का कुंभराज में मिर्च का छोटा सा व्यापार है। डॉक्टर ने कंपाउंडर से कहा था पेशेंट आ रहा है
अब तक की जांच में पता चला है कि डॉक्टर की हत्या से पहले बदमाशों ने उन्हें उसी क्षेत्र के राह चलते मजदूर के फोन से कॉल कर उनके क्लिनिक पर होने की पुष्टि की थी। सर्दी-जुकाम का इलाज कराने उनसे पर्ची भी कटवाई। कन्फर्म होने के बाद कि डॉक्टर दवाखाने में है, उनकी हत्या कर दी। कंपाउंडर दीपक ने बताया कि शाम 7.30 बजे अनजान नंबर से कॉल आया था। इसके बाद डॉक्टर ने बोला था कि एक पेशेंट आने वाला है, इसलिए वे रुकने वाले हैं। क्लिनिक रखे बंद, एमवायएच में किया विरोध प्रदर्शन आइडियल क्योर एसो. समिति के पदाधिकािरयों ने शनिवार को विरोध स्वरूप अपने क्लिनिक बंद रखे। आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी के लिए शव को एमवाय चौराहे पर रखकर चक्काजाम करने वाले थे, लेकिन पुलिस की समझाइश बाद नहीं किया। इसके बाद एमवाय परिसर में प्रदर्शन कर कहा कि जिला अस्पताल में अव्यवस्थाएं दूर की जाएं, डॉक्टरों को भी सुरक्षा दी जाए। सुनील के पिता को रुपए महीना दिलाया जाए और परिवार को मदद के रूप में 1 करोड़ रुपए दिए जाएं। मजदूर को थाने बुलाया था
एसीपी रुबिना ने बताया कि जिस नंबर से कॉल आया था, उसी नंबर के मालिक को थाने बुलाकर पूछताछ की तो उसने बताया वह क्षेत्र की फैक्टरी में काम करता है। वह चाय की दुकान पर खड़ा था तब दो लोग आए थे। एक ने मोबाइल नहीं होने का कहकर मेरा मोबाइल मांगा और किसी को कॉल किया था। जिला अस्पताल में एक्स-रे नहीं
पीएम के लिए डॉक्टर का शव जिला अस्पताल लाया गया था। वहां एक्स-रे की व्यवस्था न होने से एमवाय भेजा गया। आइडियल क्योर एसो. के पदाधिकारी, होम्योपैथिक डॉक्टर्स व परिजन ने इस अव्यवस्था के लिए प्रशासन को जमकर कोसा। समिति के प्रदेशाध्यक्ष डॉ. बलराम गुप्ता ने इस अव्यवस्था पर विरोध जताया।


