भवंज स्कूल में 5 फरवरी को भारत के आर्थिक पुनर्गठन के निर्माता डॉ. मनमोहन सिंह की स्मृति में इंटर-स्कूल भाषण और निबंध लेखन प्रतियोगिता करवाई गई। इसके विजेता प्रतिभागियों को शनिवार को तीन हजार रुपए से लेकर 10 हजार रुपए की राशि इनाम के रूप में देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे सांसद गुरजीत सिंह औजला ने कहा कि हम अलग-अलग धर्म और जाति से संबंध रखते हैं, लेकिन डॉ. मनमोहन सिंह ने मानवता और इंसानियत को महत्वपूर्ण बताया। भाषण प्रतियोगिता में अव्वल रहे स्टूडेंट्स को औजला ने अपनी तरफ से इनाम राशि देने की घोषणा भी की। निबंध लेखन प्रतियोगिता में 25 स्कूलों के स्टूडेंट्स और भाषण प्रतियोगिता में 30 स्कूलों के छात्रों ने भाग लिया। एसएन जोशी ने कहा कि 1991 में पीवी नरसिम्हा राव ने डॉ. मनमोहन सिंह को वित्त मंत्री की जिम्मेदारी दी। उन्होंने यह जिम्मेदारी राजनीति बैकग्राउंड न होने के बावजूद डाक्टर मनमोहन को दी। डॉ मनमोहन सिंह ने अर्थशास्त्र के देश की आर्थिक नीति में बड़े बदलाव किए। इन में एलपीजी (लिबरलाइजेशन, प्राइवेटजेशन, ग्लोब्लाइजेशन ) पर सबसे ज्यादा जोर था। उन्होंने लिबरेलाइजेशन के तहत कोटा और परमिट सिस्टम को खत्म किया। पहले छोटी से छोटी इंडस्ट्री को लगाने के लिए लाइंसेस लेना पड़ता था, मगर उदारवादी नीति लाकर टैक्स कम कर दिए और परमिट सिस्टम में छूट दी। इससे इंडस्ट्री अभूतपूर्व तेजी से बढ़ी। प्राइवेटाइजेशन के तहत उन्होंने एसेंशियल इंडस्ट्री शुरू करने के लिए प्राइवेट सेक्टर को छूट दे दी। वहीं ग्लोबलाइजेशन के तहत उन्होंने फॉरेन इनवेस्टमेंट के लिए कई सेक्टरों को खोला। इसलिए 1991 के बाद देश में इंडस्ट्री की ग्रोथ हुई और प्रोडक्शन के साथ एक्सपोर्ट बढ़ा। इन बदलावों से देश की इकॉनमी बंधनमुक्त हो गई। भाषण प्रतियोगिता में अंगदवीर सिंह को फर्स्ट प्राइज के रूप में 10 हजार रुएए, रीत नलवा को 7500 रुपए, जैसमीन कौर को पांच हजार, महक प्रीत कौर, अनन्या आर्य, अनमोलप्रीत कौर, जसनूर कौर को सांत्वना पुरस्कार के रूप में तीन-तीन हजार रुपए का इनाम राशि दी गई। निबंध लेखन प्रतियोगिता में हरगुन कौर को पहले पुरस्कार के रूप में 10 हजार रुपए, पलविंदर कौर को सेकंड प्राइज के रूप में 7500 रुपस, वंशिका शर्मा को तृतीय पुरस्कार के रूप में पांच हजार रुपए और ओजस्वी सलवानी व पवनदीप कौर को सांत्वना पुरस्कार में तीन-तीन हजार रुपए दिए गए। इस मौके पर भवन्ज़ एसएल प ब्लिक स्कूल के अध्यक्ष अविनाश महेंद्रू, भवंज़ स्कूल के उपाध्यक्ष अनिल सिंघल, डायरेक्टर डॉ. अनीता भल्ला अमन शर्मा, प्रिंसिपल सोनिया सहदेव मौजूद रहे।


