भास्कर न्यूज | अमृतसर सिख चिंतक व राजनीतिक मामलों के माहिर डा. रणबीर सिंह ने जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के बयान की निंदा की। अब्दुल्ला ने अपने बयान में केंद्र सरकार द्वारा जम्मू-कश्मीर में धारा-370 समाप्त करने से हालातों में कोई तबदीली नहीं होने की बात कही थी। डा. सिंह ने कहा कि उनका यह बयान वास्तविकता से दूर और तथ्यहीन है। जबकि वास्तविकता में धारा 370 की समाप्ति भारत सरकार द्वारा देश की अखंडता, संप्रभुता और राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने के लिए लिया गया एक ऐतिहासिक, दूरगामी व देश हितैषी निर्णय था। धारा 370 लागू रहने से लंबे समय तक जम्मू-कश्मीर के स्थानीय नागरिकों को विकास, रोजगार और संवैधानिक अधिकारों से वंचित रहना पड़ा था। इसकी आड़ में अलगाववादी और आतंकवादी ताकतों को लाभ मिलता रहा है। धारा 370 हटाए जाने के बाद जम्मू-कश्मीर में शांति, निवेश और प्रशासनिक सुधार स्पष्ट रूप से देखे जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि सीएम उमर अब्दुल्ला जैसे वरिष्ठ नेताओं को राजनीतिक लाभ के लिए भ्रामक बयान देने के बजाय देश की एकता और जनता के हित को प्राथमिकता देनी चाहिए। धारा 370 की वापसी की मांग देश के हितों के खिलाफ है, जिसे देश का जागरूक नागरिक कभी भी स्वीकार नहीं करेगा। इसलिए सीएम अमर अब्दुल द्वारा बीते दिन फुलकारी संस्था के समारोह में 370 के खिलाफ दिया गया बयान पूरी तरह से भ्रामक है। धारा 370 की समाप्ति देश की एकता, संप्रभुता और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए अत्यंत आवश्यक थी। इस धारा ने वर्षों तक जम्मू-कश्मीर को विकास से वंचित रखा और आतंकवाद को बढ़ावा मिला। आज धारा 370 हटने के बाद कश्मीर में शांति और विकास स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। कुछ नेता आज भी अपनी राजनीति के लिए देश के हितों से समझौता कर रहे हैं, जिसे कभी भी स्वीकार नहीं किया जाएगा।


