डॉ लीलाधर दोचानिया की कविता-संग्रह ’जिन्दगी मुस्कुराती रहे का विमोचन:कहा- कविताएं नकारात्मक माहौल में सकारात्मक सन्देश देती हैं

सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग के सेवानिवृत्त उप निदेशक डॉ. लीलाधर दोचानिया के नव प्रकाशित कविता संग्रह ‘जिन्दगी मुस्कुराती रहे’ का विमोचन शुक्रवार को राजस्थान इंटरनेशनल सेन्टर जयपुर में सम्पन्न हुआ। वरिष्ठ साहित्यकार और फिल्म लेखक त्रिलोक चंद कौशिक, महाराष्ट्र की वरिष्ठ साहित्यकार मनीषा खटाते ने संयुक्त रूप से इस संग्रह का विमोचन किया। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि डॉ. लीलाधर दोचानियां ने अपनी कविताओं के जरिs एक मुस्कुराते हुए समाज का स्वप्न देखा है और उन चीजों की गहरी पड़ताल की है जो हमें निरंतर अमानुष बना रही हैं। उन्होंने कहा कि कविताएं नकारात्मक माहौल में सकारात्मक सन्देश देती हैं। यह कविता संग्रह जीवन की सहज अनुभूतियों और संवेदनाओं को प्रकट करता है तथा समाज और जीवन की विसंगतियों और सच्चाईयों को रेखांकित करता है। वक्ताओं ने कहा कि कवि की गहन सोच शब्दों के माध्यम से प्रकट होती है और ऐसा लगता है कि कविताएं उनके मन की अकुलाहट और चिंतन का साक्षात परिणाम हैं।
इस अवसर पर वरिष्ठ रंगकर्मी, नाटककार और जाने-माने कलाकार ईश्वर दत्त माथुर, वरिष्ठ लेकख और पत्रकार बाल मुकुंद ओझा, वरिष्ठ साहित्यकार नन्द भारद्धाज, वरिष्ठ जनम्पर्ककर्मी और कवि गोविन्द शर्मा, पूर्व प्रशासनिक अधिकारी कनिष्ठ सैनी, कमांडेट दलीप सिंह, सतवीर सिंह सहित अनेक प्रमुख लोग उपस्थित थे।

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