लोरमी मंडल द्वारा आयोजित बलिदान दिवस कार्यक्रम में मुख्य वक्ता रवि शर्मा ने डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी के योगदान को याद किया। उन्होंने बताया कि डॉ मुखर्जी ने कश्मीर की अखंडता और धारा 370 के विरोध में अपना जीवन समर्पित कर दिया। रवि शर्मा ने कहा कि पूर्वी पाकिस्तान में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों से व्यथित होकर डॉ मुखर्जी ने केंद्रीय मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया था। तत्कालीन अब्दुल्ला सरकार ने उन्हें संदिग्ध परिस्थितियों में कैद कर लिया था। इस दौरान पंडित नेहरू श्रीनगर गए, लेकिन उन्होंने डॉ मुखर्जी से मुलाकात नहीं की। डॉ मुखर्जी की मृत्यु के बाद भी नेहरू ने कोई जांच नहीं करवाई। कार्यक्रम में नगर पालिका अध्यक्ष सुजीत वर्मा और अंजना देवी दास ने भी संबोधित किया। मंडल अध्यक्ष सुशील यादव ने कार्यक्रम का संचालन किया और महामंत्री संदीप सोनी ने आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर सावित्री राजपूत, रामावतार राजपूत, अशोक जायसवाल समेत कई कार्यकर्ता मौजूद थे।


