राजस्थान में SIR के तहत 41.85 लाख वोटर्स के नाम कटने पर सियासी विवाद शुरू हो गया है। कांग्रेस ने इतनी बड़ी तादाद में वोट काटने के पीछे राजनीतिक साजिश का आरोप लगाया है। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटसरा ने चुनाव आयोग पर बीजेपी से मिलीभगत करके दलगत आधार पर वोट काटने का दावा किया है। डोटासरा ने ‘एक्स’ सोशल मीडिया अकाउंट पर लिखा- अब पूरे देश को समझ आ रहा है कि चुनाव आयोग और BJP की सांठ-गांठ से चल रहे SIR का मतलब ‘स्टीलिंग इंडियाज राइट’ यानी भारत के अधिकारों की चोरी है। जिससे हारने का डर था, उसी का नाम वोटर लिस्ट से काट दिया। राजस्थान में SIR के नाम पर 41.85 लाख मतदाताओं के नाम काटना कोई प्रक्रिया नहीं, बल्कि वोट चोरी की सुनियोजित राजनीतिक साजिश है। वहीं नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भी SIR में शिफ्टेड, एब्सेंट कैटेगरी में नाम काटने पर सवाल उठाए हैं। जूली ने कहा- अब कोई शिफ्ट हुआ तो दूसरी जगह गया है। वहां तो उसका वोट जुड़ना चाहिए। वोट चोरी और दलगत वोट काटने का खेल
डोटासरा ने लिखा- दलित, पिछड़े, अल्पसंख्यक और गरीब तबकों के वोटरों को निशाना बनाकर लोकतंत्र की जड़ों पर हमला किया गया है। भाजपा जानती है कि अगर निष्पक्ष और ईमानदार चुनाव हुए तो उसकी हार तय है, इसलिए चुनाव आयोग व प्रशासन की आड़ में वोट चोरी और दलगत वोट कटाने का खेल खेला जा रहा है। 2 साल पहले जब भाजपा सत्ता में आई तो ये सभी वोट वैध थे। आज अचानक से 41 लाख ज्यादा वोट खारिज हो गए। संविधान से मिले मताधिकार को छीनने के खिलाफ हर नागरिक को मिलकर विरोध करना होगा। कांग्रेस एसआईआर पर पहले भी सवाल उठा चुकी
कांग्रेस शुरू से ही एसआईआर में पक्षपात करने के आरोप लगाती रही है। डोटासरा ने कुछ दिन पहले दावा किया था कि एसआईआर में 50 लाख से ज्यादा वोट काटने की तैयारी हो चुकी है। एसआईआर के ड्राफ्ट लिस्ट को मंगलवार को ही जारी किया गया था। जूली बोले- शिफ्टेड वोटर कहीं तो गए होंगे, नाम कैसे कटे
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने एसआईआर में शिफ्टेड, एब्सेंट कैटेगरी में नाम काटने पर सवाल उठाए हैं। जूली ने कहा- शिफ्टेड बताकर नाम वोटर लिस्ट से काट दिए गए। अब कोई शिफ्ट हुआ तो दूसरी जगह गया है। वहां तो उसका वोट जुड़ना चाहिए। सभी लोग तो राज्य से बाहर शिफ्ट हुए नहीं हैं। एसआईआर की ड्राफ्ट लिस्ट पर बहुत से सवाल खड़े हो रहे हैं। एसआईआर में 29.6 लाख परमानेंट शिफ्टेड और 8.75 डेड वोटर्स के नाम हटाए
राजस्थान में एसआईआर की ड्राफ्ट रोल में 41 लाख 85 हजार के नाम हटाए हैं। एसआईआर में जिन वोटर्स के नाम हटाए गए हैं, उनमें 29.6 लाख परमानेंट शिफ्टेड और एब्सेंट वोटर के नाम हटाए गए हैं। 8.75 लाख डेड वोटर्स के नाम हटाए हैंं, ये मौत के बाद भी वोटर लिस्ट में शामिल थे। 3.44 लाख उन वोटर्स के नाम हटाए हैं, जो दो जगह वोटर थे।


