जोधपुर रेंज की स्पेशल टीम ने एनडीपीएस एक्ट के तीन अलग-अलग जिलों में दर्ज मामलों में पिछले आठ वर्षों से फरार चल रहे 40 हजार रुपए के इनामी बदमाश को पकड़ा है। आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए अलग-अलग स्थानों पर ठिकाने बदलता रहा। पुलिस महानिरीक्षक राजेश मीणा ने बताया कि कुख्यात तस्कर मालाराम फरारी के दौरान मेवाड़ क्षेत्र में रहकर डोडा पोस्त की तस्करी का अवैध नेटवर्क संचालित कर रहा था। गिरफ्तारी से बचने के लिए वह छद्म नामों से अलग-अलग स्थानों पर ठिकाने बदलता रहा। हाल ही में नववर्ष पर उसके गांव आने की गोपनीय सूचना रेंज स्पेशल टीम को मिली। मीणा ने बताया कि उप निरीक्षक देवाराम के नेतृत्व में टीम गठित कर रैकी शुरू की गई। टीम के कार्मिकों ने फलोदी क्षेत्र में कई दिनों तक गोपनीय निगरानी कर संभावित ठिकानों की पहचान की। अलसुबह पुख्ता सूचना पर रेंज स्पेशल टीम व थाना भोजासर के जाब्ते ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए गांव से दूर एक फार्म हाउस को कॉर्डन कर मालाराम को दस्तयाब कर लिया। गिरफ्तार अभियुक्त को अग्रिम अनुसंधान के लिए थाना बालेसर सुपुर्द किया जाएगा। पूछताछ में डोडा पोस्त तस्करी के नेटवर्क और सिंडिकेट से जुड़ी अहम जानकारियां जुटाई जाएंगी। आरोपी के खिलाफ दर्ज हैं कई केस मालाराम पुत्र हडमानराम विश्नोई निवासी छित्तरबेरा, थाना भोजासर लंबे समय से डोडा पोस्त तस्करी में संलिप्त रहा है। उसके विरुद्ध वर्ष 2011 में थाना भवानीमंडी (झालावाड़), वर्ष 2017 में थाना मसूदा (अजमेर) तथा वर्ष 2017 में थाना बालेसर (जोधपुर ग्रामीण) में प्रकरण दर्ज हैं। जमानत पर रिहा होने के बाद भी करता रहा तस्करी मालाराम ने जमानत पर रिहा होने के बाद भी उसने तस्करी जारी रखी। वर्ष 2018 में बालेसर क्षेत्र में 22 क्विंटल डोडा पोस्त से भरा ट्रक पकड़ा गया, जिसमें वह फरार रहा। इस पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था। वर्ष 2019 में थाना धोलापानी, जिला प्रतापगढ़ में एक और ट्रक पकड़ा गया, जिसमें 5 हजार रुपए का इनाम घोषित हुआ। वर्ष 2021 में थाना सदर, जिला चित्तौड़गढ़ में डोडा पोस्त से भरी एसयूवी पकड़ी गई। इस प्रकरण में भी वह फरार रहा और 10 हजार रुपए का इनाम घोषित किया गया। कुल मिलाकर उस पर 40 हजार रुपए का इनाम घोषित था। ये रहे टीम में शामिल इस कार्रवाई में देवाराम उप निरीक्षक (प्रभारी, रेंज स्तरीय टीम), सहायक उप निरीक्षक गणेशराम, सेठाराम, किशोर दुक्तावा, अशोक बांगड़वा, अशोक परिहार, हरीराम माली, जोगाराम, भीमराज, कमांडो माधुदान, पप्पाराम, चालक श्यामसिंह और थाना भोजासर से सहायक उप निरीक्षक दमाराम, कॉन्स्टेबल पुष्पेन्द्र और महिला कॉन्स्टेबल सरोज की महत्वपूर्ण भूमिका रही।


