मऊगंज जिले में सड़क किनारे मिले शव की गुत्थी को पुलिस ने सुलझा लिया है। इस हत्या के मामले में मृतक की पत्नी कंचन दहिया और प्रेमी की दोस्त बहुती गांव निवासी संजना सिंह को गिरफ्तार किया गया है। दोनों महिला आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया। पत्नी कंचन ने अपने पति की हत्या प्रेमी से करवाई थी। हालांकि प्रेमी और हत्या में साथ देना वाला प्रेमी का दोस्त दोनों फरार है। ये है पूरा मामला 30 दिसंबर की सुबह करीब 7 बजे डगडौआ गांव के पास ग्रामीणों ने सड़क किनारे एक शव देखा गया था। शव पर धारदार हथियार के गंभीर निशान थे। 31 दिसंबर को मृतक की पहचान सतना के टिकुरिया टोला निवासी एंबुलेंस चालक सुधीर दहिया उर्फ लाला के रूप में हुई थी। जांच में सामने आया था कि सुधीर दहिया का आपराधिक इतिहास था, जिसमें चोरी, मारपीट और शराब तस्करी के कई मामले दर्ज थे। वह नशे में अक्सर अपनी पत्नी कंचन से मारपीट करता था। कंचन मूलतः प्रयागराज की रहने वाली थी और पिछले 12 वर्षों से सुधीर के साथ रह रही थी। पत्नी ने प्रेमी संग रची साजिश प्रयागराज निवासी बाबा और सतना निवासी गबरू उर्फ अजान इंदौर में साथ काम करते थे। उन्होंने वहां एक वारदात को अंजाम दिया और फरार होकर सुधीर के घर में शरण ली। बाबा का बहुती गांव की संजना सिंह से पुराना संबंध था, जहां वह अक्सर अपराध के बाद छिपता था। लगभग 25 दिन पहले कंचन सतना जिला अस्पताल में भर्ती थी। इसी दौरान बाबा और गबरू उससे मिलने पहुंचे और छुट्टी के बाद कुछ दिन सुधीर के घर रुके। इसी अवधि में कंचन और गबरू के बीच प्रेम संबंध बन गया। नए प्रेमी के लिए कंचन ने अपने पति को रास्ते से हटाने की साजिश रच डाली। गबरू ने कंचन से बच्ची को लेकर भाग चलने को कहा, लेकिन कंचन ने स्पष्ट किया कि जब तक उसका पति जिंदा है, वह कहीं नहीं जाएगी। यहीं से पति की हत्या की योजना ने आकार लिया। 29 दिसंबर को सुधीर को बड़े प्लान का लालच देकर रीवा बुलाया गया। वह सतना से बस में सवार हुआ, लेकिन चोरहटा बायपास में उतर गया। वहां से जीजा के साथ रतहरा ओवरब्रिज पहुंचा, जहां पहले से गबरू और बाबा बाइक से इंतजार कर रहे थे। शाम को शराब पार्टी के बाद तीनों मऊगंज की ओर निकल पड़े। योजना पहले बहुती जलप्रपात में शव फेंकने की थी, लेकिन वहां पुलिस तैनाती की जानकारी संजना सिंह ने पहले ही दे दी थी। आखिरकार रात करीब 12 बजे सुधीर की बका से हत्या कर शव डगडौआ गांव के पास सड़क किनारे फेंक दिया गया। हत्या के बाद आरोपी सुधीर के ही मोबाइल से कंचन को फोन कर बोले-“काम तमाम हो गया।” फिर दोनों आरोपी बहुती में संजना सिंह के घर रुके और सुबह प्रयागराज की तरफ फरार हो गए। शव की पहचान के बाद जब पुलिस ने मोबाइल कॉल डिटेल खंगाली, तो कई चौंकाने वाले सुराग मिले। रोती-बिलखती पत्नी भी पति का शव देखने मऊगंज पहुंची, लेकिन पुलिस को उसी पर सबसे ज्यादा शक हुआ। पुलिस ने बहुती गांव में दबिश दी तो एक बाइक बरामद हुई, जिसे आरोपियों ने इंदौर से किसी की हत्या कर बाइक छीन कर फरार हुए थे, और दीपावली के समय संजना सिंह के घर पर आरोपियों ने बना लिया और बाइक वहीं छोड़कर चले गए। यह बाइक भी संदेहास्पद बताई जा रही है। जिसका चेचिस नंबर और इंजन नंबर दोनों आरोपियों ने मिटा दिए गए थे। आरोपी गवरु और बाबा दोनों अभी फरार है। इस घटना का मास्टरमाइंड गबरू जो मूल रूप मऊगंज जिले के देवरी शिवमंगल सिंह गांव का निवासी है। उसका असली नाम दिनेश पटेल पिता मनोहर पटेल है। 20 साल पहले इसकी मां सतना चली गई थी। तब से दिनेश पटेल उर्फ गबरू इंदौर में रहने लगा था। दिनेश पटेल उर्फ गबरु के खिलाफ मऊगंज पुलिस थाने में वर्ष 2020 में चोरी के दो अपराध दर्ज हैं, जिसमें जेल भी जा चुका है।


