केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देश पर ऑपरेशन अभ्यास बुधवार को रांची के डोरंडा इलाके में शाम के 4 से 7 बजे तक किया गया। इस दौरान आपातकालीन स्थिति से कैसे निपटा जाए, इसका मॉक ड्रिल किया गया। स्कूली बच्चों को सिखाया गया कि कैसे हवाई हमले का सायरन बजने के बाद खुद को बचाएं। उनको बताया गया कि बम धमाकों के दौरान कैसे जमीन पर लेटकर अपने दोनों हाथ सिर के पीछे ले जाकर जमीन पर पेट के बल लेट जाएं। साथ ही इस दौरान दूसरे लोगों की कैसे मदद करें। उनको भी सुरक्षित स्थानों तक ले जाएं। शहर के बिशप वेस्टकॉट, केरालि स्कूल, संत माइकल स्कूल समेत सभी प्रमुख स्कूलों में यह अभ्यास कराया गया। उधर, शाम के चार बजते ही सायरन बज उठा और डोरंडा इलाके में मॉक ड्रिल शुरू हो गया। प्रशासनिक अधिकारी, एनडीआरएफ की टीम, एनसीसी कैडेट्स सभी तय जगह पर तैनात हो गए और निर्देशानुसार लोगों को घरों के अंदर भेजा। सायरन बजते ही दुकानें धड़ाधड़ बंद कर लोग सुरक्षित जगहों पर चले गए। शहर के बड़े इलाके में शाम 6.30 से 7.15 तक ब्लैक आउट केंद्र सरकार के दिशा-निर्देश पर बुधवार को रांची में भी मॉक ड्रिल किया गया. इस दौरान रांची के बड़े इलाके में शाम 6.30 से 7.15 तक पूरी तरह से ब्लैक आउट रहा. इस दौरान 11 केवी अनंतपुर, डोरंडा, हाईकोर्ट, एचसीएल, सुजाता, मेन रोड, बाजार टोली, स्टेशन रोड, मेकॉन, अशोक नगर सहित कई फीडर बंद रहे. इसके कारण डोरंडा, हीनू, निवारणपुर, कुसई कॉलानी, पीपी कंपाऊंड, सुजाता चौक एरिया, स्टेशन रोड, सिरम टोली, मेकॉन, पुराना हाईकोर्ट इलाका, मेन रोड, हिंदीपीढ़ी, लोअर बाजार, चर्च रोड, काली मंदिर रोड अनंतपुर, पटेल चौक, बहु बाजार, अशोक नगर, अरगोड़ा व आसपास के इलाकों में बिजली कटी रही. चार घंटे बिजली कटे रहने से गर्मी में लोगों को काफी परेशानी हुई। फिर भी लोगों का कहना था कि देश के लिए यह परेशानी हम सौ बार झेल लेंगे। लेकिन आतंकवादी किसी सूरत में अब बचने नहीं चाहिए। डोरंडा में कार्यालय पर बम गिरा, घायलों को एनडीआरएफ की टीम ने निकाला शाम के चार बज रहे हैं। रांची के डोरंडा स्थित एक कार्यालय पर दुश्मन देश ने बम गिरा दिया है। पता चला है कि कार्यालय पर बम गिरने से उसके अंदर 6 लोग फंसे हुए हैं। क्योंकि बिल्डिंग की छत व दीवार क्षतिग्रस्त हो गई है। शाम के 4.20 बजे हैं। पुलिस की टीम भी पहुंच गई है। वायरलेस मैसेज किया जा रहा है। एनडीआरएफ, फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई है। चंद मिनट में एनडीआरएफ, फायर ब्रिगेड के साथ-साथ केंद्रीय बल व एनसीसी के कैडेट्स पहुंच गए हैं। एनडीआरएफ व जिला पुलिस की टीम सीढ़ी लगाकर कार्यालय की बिल्डिंग में घुस रही है। चारों ओर से कार्यालय को पुलिस के जवानों ने घेर लिया है। 5 एंबुलेंस भी पहुंच चुकी हैं। कंक्रीट काटने वाली मशीन से दीवारों व छतों को एनडीआरएफ की टीम काट रही है। एनडीआरएफ की टीम तेजी से रेस्क्यू कार्य में लगी हुई है। टीम के कुछ सदस्य कार्यालय के अंदर घुसने में सफल हो गए हैं। ये करने में 5 बज गए। कुछ घायलों को एक खिड़की से सीढ़ियों की मदद से नीचे उतारा जा रहा है। एंबुलेंस तैयार है। घायलों को नीचे उतारने के बाद उन्हें तुरंत एबुलेंस में डाला गया है और अस्पताल पहुंचाया जा रहा है। डीसी मंजू नाथ भजंत्री, एसएसपी चंदन सिन्हा, एसडीएम उत्कर्ष कुमार सहित कई पुलिस व प्रशासन के अधिकारी पहुंच चुके हैं। पूरी बिल्डिंग का जायजा लिया जा रहा है। 5 एंबुलेंस से 5 घायलों को अस्पताल पहुंचाया जा रहा है। एक घायल को पुलिस जिप्सी से अस्पताल पहुंचाया जा रहा है। एनसीसी कैडेट्स भी पहुंचे, पुलिस के साथ घायलों को बचाने में की मदद शारदा ग्लोबल स्कूल में मॉक ड्रिल के दौरान सुरक्षा उपयों का स्टूडेंट्स ने अभ्यास किया। शिक्षकों ने उनको बताया कि यदि खतरे का सायरन बजे तो कैसे जमीन पर लेटकर अपने को बचाना है। फिर हमले की मिली चेतावानी, डोरंडा में छा गया अंधेरा; जो जहां था, रुक गया संत माइकल स्कूल में एनसीसी कैडेट्स ने बच्चों को सुरक्षित बचा कर बाहर निकाला। उनको बताया कैसे युद्ध के समय कैसे किसी बड़ी बिल्डिंग से खतरों से बचकर बाहर निकलना है। समय- शाम 6:30 से 7:00 बजे तक रांची, गुरुवार, 8 मई, 2025 | 00 समय- शाम 5:00 से 6:30 बजे तक समय- शाम 4:00 से 5:00 बजे तक बचाव का पाठ : स्कूलों में युद्ध के हालात में बचाव का मॉकड्रिल, बच्चों ने सीखा खुद को बचाना और मदद करना डोरंडा में शाम 4 से 7 बजे तक मॉकड्रिल… बजाए गए सायरन, घरों की बत्तियां हुईं गुल, अंधेरे में भी हमले से बचने की कला सीखी रांची एनसीसी के कैडेट्स भी घायलों को बचाने में मदद कर रहे हैं। पूरी बिल्डिंग को पुलिस ने घेर लिया है। फायर ब्रिगेड की दो गाड़ियां बिल्डिंग के एक छोर में लगी आग को बुझाने में लगी हुई हैं। आधे घंटे में आग पर भी काबू पा लिया गया। शाम के 6 बजे गए हैं। बिल्डिंग से घायलों को रेस्क्यू करने का काम पूरा कर लिया गया है। कोई घायल अंदर बचा तो नहीं है, डीसी व एसएसपी के नेतृत्व में एनडीआरएफ की टीम सर्च कर रही है। बिल्डिंग की छतें जहां-जहां बम धमाके से क्षतिग्रस्त होकर गिरी हैं, उनको भी चेक किया जा रहा है। सूरज अस्त हो चला है। शाम के 6.30 बज रहे हैं। डीसी व एसएसपी कार्यालय में भी ही। अचानक सायरन बजने लगता है। सायरन की आवाज सुन कर फिर लोग सतर्क हो गए हैं। घरों, कार्यालायों, प्रतिष्ठानों की बत्तियां बुझने लगीं। 5 मिनट के अंदर पूरे डोरंडा क्षेत्र में अंधेरा छा गया। सायरन की आवाज लगातार आ रही है। लग रहा है कि दुश्मन देश फिर हमला कर सकता है। सड़कों पर चलने वाले वाहन रुक गए, वाहनों की भी बत्तियां बुझा दी गई हैं। 7 बजे तक पूरा सन्नाटा पसर गया। 7.15 बजे सायरन की आवाज बंद हो गई। तब लोगों ने राहत की सांस ली। स्कूलों में मॉक ड्रिल के दौरान बम के धमाकों से बचने के लिए छात्राएं बेंच के नीचे छुप गईं। इससे पहले शिक्षकों ने उन्हें बताया कि युद्ध के दौरान बम धमाका हो तो घर में कैसे खुद को बचाना है।


