ड्राइवरों की पिटाई का VIDEO, यात्रियों को धमकाते रहे:परमिट वाली बसों के पहिए थमे; 15 दिन में 4 हमले, आरोपियों का जुलूस निकाला

मुरैना में बस संचालन को लेकर शुरू हुए विवाद के दौरान हुई मारपीट का वीडियो सामने आया है। परमिट वाली यात्री बसों को निशाना बनाकर बदमाश रात के समय ड्राइवरों और स्टाफ से मारपीट कर रहे थे। बसें रुकवाई गईं, ड्राइवरों के हाथ-पैर तोड़े गए और सवारियों में दहशत फैलाई गई। घटनाक्रम 20 दिसंबर की सुबह 7.30 बजे शुरू हुआ, जब ग्वालियर-दिल्ली जा रही बस पर हमला हुआ। इसी दिन सुबह 9.30 बजे देवपुरी और दोपहर 1.30 बजे गंगापुर हनुमान मंदिर के पास दो और बसों पर हमले किए गए, जिसके बाद संचालन बंद हो गया। 3 जनवरी की रात 10 बजे खाटू श्याम जा रही बस के ड्राइवर के पैर तोड़ दिए गए। लगातार वारदात के बाद सिविल लाइन पुलिस ने 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया और शहर में जुलूस निकाला। इनमें भानू गुर्जर, श्यामवीर गुर्जर, मंटो गुर्जर, धर्मेंद्र गुर्जर, लवकुश गुर्जर और योगेंद्र गुर्जर शामिल हैं। श्यामवीर पर 10 हजार का इनाम घोषित था। बस चालकों के साथ हुई मारपीट के बाद भास्कर टीम इनके बीच पहुंची। इस दौरान पीड़ित बस संचालकों, चालकों का दर्द जाना…पढ़िए पूरी रिपोर्ट… पहले देखिए मारपीट, आरोपियों के जुलूस और खड़ी बसों की स्वीरें… 15 दिन में चार बार बसों को रोका, ड्राइवरों को पीटा पैसेंजर चीखते रहे, बदमाश करते रहे मारपीट
चारों घटनाओं के दौरान बसों में बैठी महिला पैसेंजर्स बदमाशों से लगातार मिन्नतें करती रहीं कि ड्राइवर को छोड़ दीजिए। उन्हें सुरक्षित घर पहुंच जाने दीजिए। महिलाओं के कहने पर भी हमलावरों ने कोई रहम नहीं किया। उलटा, सवारियों को धमकाया गया कि कोई भी वीडियो न बनाए। इसके बावजूद एक यात्री ने चुपके से मारपीट का वीडियो मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया। घायल बस चालक विजय परमार ने बताया कि भानू गुर्जर ने उसके साथ बेरहमी से मारपीट कर पैर तोड़ दिया। विजय के मुताबिक, उसने हमलावरों से कहा कि वह केवल कर्मचारी है, लेकिन जवाब मिला—“तुम्हारी बसें धौलपुर की ओर नहीं चलेंगी।” आरोपियों ने उसके 14 हजार रुपए भी लूट लिए। गंभीर हालत में उसे ग्वालियर रेफर किया गया है। जय भारत ट्रेवल्स बस के संचालक दिनेश गुर्जर के अनुसार उनकी बसें ग्वालियर–दिल्ली, ग्वालियर–कैलादेवी और पोरसा–खाटू श्याम रूट पर परमिट से चलती हैं। उनका आरोप है कि जनकपुर गांव का आदतन अपराधी भानू गुर्जर अपनी गैर-परमिट बस के लिए जबरन सवारियां उतारता था। विरोध पर 20 दिसंबर को बस स्टैंड में फायरिंग की गई और उसी दिन तीन बसों में तोड़फोड़ कर स्टाफ से मारपीट की गई। वहीं बस चालक मनोज सिकरवार ने बताया कि 20 दिसंबर को कैलादेवी जाते समय गंगापुर हनुमान मंदिर के पास डंपर अड़ाकर बस रोकी गई। भानू गुर्जर और उसके साथियों ने लाठियों से मारपीट की, जिससे उसके हाथ में फ्रैक्चर हो गया। मनोज ने कहा कि वह परिवार का अकेला कमाने वाला है और अब रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। 6 नामजद आरोपी गिरफ्तार, शहर में निकाला जुलूस
यात्री बसों में तोड़फोड़ और बस स्टाफ के साथ मारपीट के मामलों में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 6 नामजद आरोपियों को गिरफ्तार किया है। बीते पांच दिनों के भीतर हुई इन वारदातों के बाद पुलिस ने आधा सैकड़ा से अधिक पुलिसकर्मियों और अधिकारियों की टीम बनाकर जनकपुर गांव में दबिश दी। कार्रवाई के दौरान भानू गुर्जर, श्यामवीर गुर्जर, मंटो गुर्जर, धर्मेंद्र गुर्जर, लवकुश गुर्जर और योगेंद्र गुर्जर को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार, इस गिरोह का मुख्य चेहरा श्यामवीर गुर्जर है, जिस पर 10 हजार रुपए का इनाम घोषित था। श्यामवीर ग्वालियर में पुलिस आरक्षक अनिल तोमर पर गोली चलाने के मामले में भी फरार चल रहा था। पुलिस लंबे समय से उसकी तलाश कर रही थी। वहीं, इस मामले में गुरुदयाल गुर्जर, श्रीराम गुर्जर और तीन अन्य आरोपी अब भी फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमों को लगाया गया है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही सभी फरार आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपियों को कोर्ट में पेश करने से पहले शहर में जुलूस निकाला। आरोपियों को किया राउंडअप, मुख्य आरोपी की तलाश
एसपी समीर सौरभ ने बताया कि बस स्टाफ से मारपीट की घटनाओं में आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर बुधवार देर शाम पुलिस टीम जनकपुर गांव भेजी गई। कार्रवाई के दौरान कुछ आरोपियों को राउंडअप किया गया है और मुख्य आरोपी की तलाश जारी है। उन्होंने कहा कि बसों का संचालन सामान्य करने के लिए राजस्व, परिवहन और पुलिस अधिकारियों की संयुक्त बैठक बस ऑपरेटरों के साथ की जा रही है, ताकि यात्रियों को सुरक्षित परिवहन सुविधा मिल सके। आरटीओ बोलीं- अवैध बस संचालन पर सख्त एक्शन होगा
परिवहन अधिकारी अर्चना परिहार के अनुसार बस ऑपरेटर दिनेश सिकरवार की बसों के परमिट स्टेट अथॉरिटी से जारी हैं। वे पूरी तरह वैध हैं। विवाद की जड़ दूसरे प्रदेश से लाई गई गैर-परमिट बसें हैं, जो टूरिस्ट वाहन होने के बावजूद स्थानीय सवारियां ढो रही थीं। संबंधित खबर पढ़ें…
हाईवे पर बस रोकी, ड्राइवर को पीटा, रुपए छीनकर भागे
मुरैना के नेशनल हाईवे – 44 पर बदमाशों ने यात्री बस को रोक लिया। इसके बाद ड्राइवर को नीचे खींचकर पीटना शुरू कर दिया। महिला यात्री उसे छोड़ देने की गुहार लगाती रहीं, लेकिन बदमाशों ने बेसबॉल के डंडों से ड्राइवरों के दोनों पैर तोड़ दिए। बस में रखे 14 हजार रुपए छीन लिए। पढ़ें पूरी खबर…

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