छिंदवाड़ा में शीतलहर और घने कोहरे के चलते ठंड ने अब तक के सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। सोमवार (5 जनवरी) की रात इस सीजन की सबसे सर्द रात दर्ज की गई। जिले का सामान्य न्यूनतम तापमान 5.4 डिग्री सेल्सियस रहा, लेकिन आंचलिक अनुसंधान केंद्र चंदनगांव के मौसम विभाग ने तापमान 2.2 डिग्री सेल्सियस तक गिरने की पुष्टि की है। झिरपा समेत ग्रामीण इलाकों में सुबह घना कोहरा छाया रहा, जिससे दृश्यता (विजिबिलिटी) बेहद कम हो गई। फसलों पर जमने लगी ओस, जनजीवन प्रभावित कड़ाके की ठंड और कोहरे की चपेट में आने से जिले में रातों के साथ-साथ दिन में भी ठिठुरन बढ़ गई है। सुबह के समय कोहरे के चलते सड़क परिवहन प्रभावित रहा। स्कूल जाने वाले बच्चों, मजदूरों और दोपहिया वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। खेतों में फसलों पर ओस की बूंदें जमने लगी हैं, जिससे सब्जी और दलहन फसलों को नुकसान की आशंका जताई जा रही है। ग्रामीण इलाकों में अलाव ही ठंड से बचने का एकमात्र सहारा बने हुए हैं। अस्पतालों में बढ़ी मरीजों की भीड़, डॉक्टर बोले- गुनगुना पानी पिएं लगातार बढ़ती ठंड से सर्दी-खांसी, जुकाम, बुखार और सांस संबंधी बीमारियों के मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है। जिला अस्पताल व निजी क्लीनिकों में मरीजों की भीड़ बढ़ने लगी है। डॉक्टरों ने लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में ठंड और बढ़ने की संभावना जताते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।


