छत्तीसगढ़ के धमतरी में आधुनिक तकनीक का उपयोग शुरू हो गया है। अब शहर का डिजिटल नक्शा तैयार करने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया जाएगा। नगर निगम क्षेत्र सहित कुल साढ़े 23 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र का सर्वे ड्रोन से किया जाएगा। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह ने ऑनलाइन माध्यम से इस परियोजना का शुभारंभ किया। इस परियोजना के तहत शहरी क्षेत्रों की डिजिटल थ्रीडी मैपिंग की जाएगी, जो शहर की बेहतर योजना बनाने में मदद करेगी और भूमि विवादों के समाधान में भी सहायक साबित होगी। छत्तीसगढ़ सरकार ने इस पायलट प्रोजेक्ट के लिए राज्य के तीन जिलों का चयन किया है, जिसमें धमतरी भी शामिल है। यह प्रोजेक्ट शहरी विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। धमतरी नगर निगम के साढ़े 23 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र का होगा ड्रोन सर्वे धमतरी को भारत सरकार के महत्वपूर्ण परियोजना में जोड़ा गया है, और इसे नगरी निकायों के चयन में भी शामिल किया गया है। इस परियोजना के तहत धमतरी नगर निगम क्षेत्र के लगभग साढ़े 23 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र का ड्रोन सर्वे किया जाएगा, जिसमें गोकुलपुर, सोरिदभाट, बठेना और हटकेश्वर जैसे शहरी क्षेत्र भी शामिल हैं। इस परियोजना का शुभारंभ पुरानी कृषि उपज मंडी में हुआ, जिसमें केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह ने मध्यप्रदेश के रायसेन से ऑनलाइन माध्यम से इसका उद्घाटन किया। धमतरी कलेक्टर नम्रता गांधी ने बताया कि हाल ही में नजूल रिकॉर्ड अपडेट नहीं हो पाए थे, और मैन्युअल प्रक्रिया में इरर की संभावना अधिक थी। अब 3D मैपिंग के माध्यम से डेटा अपडेट किया जाएगा, जिससे गलती की संभावना कम हो जाएगी। इससे नजूल पट्टा टैक्स कलेक्शन और अन्य प्रक्रियाओं में भी आसानी होगी। प्लॉटिंग विवादों को सुधारने में मिलेगी मदद इससे पहले कर्नाटक और आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों में भी इस तरह का डिजिटाइजेशन किया गया है। धमतरी में इसे लागू करने से न्यायालयीन मामलों को हल करने में भी मदद मिलेगी। इस प्रोजेक्ट के चार महीने में तैयार होने के बाद नगर निगम का स्टाफ जाकर इसका क्रॉस चेक करेगा, जिससे प्लॉटिंग विवादों को सुधारने में मदद मिलेगी। पहले चरण में धमतरी नगर निगम क्षेत्र का ड्रोन से हवाई सर्वे किया जाएगा, जिसमें ड्रोन के 2D नादिर और ऑब्लिक एंगल कैमरों से भवनों और संरचनाओं की फोटोग्राफी की जाएगी। निडार सेंसर कैमरे से पहाड़ी और दुर्गम क्षेत्रों की उन्नत 3D फोटोग्राफी की जाएगी। हवाई सर्वे के आंकड़ों का होगा भौतिक सत्यापन दूसरे चरण में हवाई सर्वे के आंकड़ों का भौतिक सत्यापन किया जाएगा। तीसरे चरण में लोगों से दावा-आपत्तियां ली जाएंगी और उनके निराकरण के बाद सभी को उनकी संपत्तियों का अर्बन प्रॉपर्टी कार्ड प्रदान किया जाएगा। इसके बाद समस्त डाटा और संपत्तियां ऑनलाइन पोर्टल पर उपलब्ध रहेंगी, जिसे लोग समय-समय पर उपयोग कर सकेंगे। इस नक्शा परियोजना से धमतरी नगर निगम क्षेत्र में भूमि रिकॉर्ड ऑनलाइन होने से भविष्य में शहर के विकास के लिए योजनाएं बनाने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही पुराने रिकॉर्डों में सुधार होगा, जिससे सरकारी दस्तावेजों और वास्तविक स्वामित्व में भी सुधार होगा। अतिक्रमण और भूमि स्वामियों के बीच विवादों का समाधान तेजी से होगा। इससे आपदा प्रबंधन, शहरी भूमि प्रबंधन और कर निर्धारण में भी मदद मिलेगी। नक्शा परियोजना के लिए धमतरी जिले में 12 टीमों का गठन किया गया है, जिसका नोडल विभाग राजस्व और नगर निगम होगा। इसके संचालन के लिए भू अभिलेख शाखा के अधीक्षक दीपचंद भारती को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। वे देहरादून में 7 दिन का प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे और धमतरी जिले में इस परियोजना का क्रियान्वयन करेंगे।


