राजस्थान हाईकोर्ट ने जयपुर-अजमेर हाईवे पर एनएचएआई की अतिक्रमण हटाने की धीमी कार्रवाई को लेकर नाराजगी जताई है। जस्टिस इंद्रजीत सिंह और जस्टिस मनीष शर्मा की खंडपीठ आज रायचंद की जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी। सुनवाई के दौरान कोर्ट के सामने आया कि एनएचएआई ने 90 दिन में 90 अतिक्रमण हटाए हैं। इस पर हाईकोर्ट ने नाराजगी जताते हुए कोर्ट में मौजूद एनएचएआई के अधिकारियों से कहा- वह प्रतिदिन जो भी अतिक्रमण हटाएंगे, उसकी रिपोर्ट तैयार करेंगे। अगली सुनवाई को कोर्ट में इस रिपोर्ट को पेश करेंगे। मामले की अगली सुनवाई 25 फरवरी को होगी। जयपुर से बगरू तक 338 अतिक्रमण चिह्नित मामले में याचिकाकर्ता की ओर से पैरवी करने वाले अधिवक्ता कमलेश रोज, धर्मेंद्र चौधरी और सीमा रोज ने बताया कि सोमवार को एनएचएआई के अधिकारियों ने जयपुर से बगरू तक हाईवे और सर्विस लेन पर करीब 338 अतिक्रमण की रिपोर्ट कोर्ट में पेश की थी। वहीं, जेडीए के अधिकारियों ने कहा था कि उनकी जमीन पर एक भी अतिक्रमण नहीं है। इस पर कोर्ट ने दोनों विभागों के अधिकारियों को आज कोर्ट में मौजूद रहने के लिए कहा था। सुनवाई के दौरान जेडीए की ओर से कहा गया कि हमने हाईवे और सर्विस लेन की जमीन एनएचएआई को सुपुर्द कर दी है। ऐसे में जो भी अतिक्रमण है वह एनएचएआई की जमीन पर है। एक अप्रैल तक भांकरोटा फ्लाईओवर शुरू होना चाहिए मामले में पिछली सुनवाई पर हाईकोर्ट ने नेशनल हाईवे अथॉरिटी के अधिकारियों से कहा था कि 1 अप्रैल 2025 तक हर हाल में भांकरोटा फ्लाईओवर शुरू हो जाना चाहिए। हाईवे पर अतिक्रमण को लेकर कोर्ट ने कहा था कि हाईवे की चौड़ाई 48 मीटर होनी चाहिए। इसके साथ ही सर्विस रोड भी अतिक्रमण मुक्त होनी चाहिए। इसके साथ ही कमला नेहरू नगर के फ्लाईओवर की चौड़ाई, सर्विस लेन और उस पर हो रहे अतिक्रमण को लेकर भी कोर्ट ने शपथ पत्र मांगा था।


