ढक्कन निगलने से बच्चे की मौत:सरेड़ी बड़ी गांव में अस्पताल में डॉक्टर नहीं मिलने से ग्रामीणों ने रात को किया हंगामा, बीसीएमओ और पुलिस जाब्ता मौके पर पहुंचा

सरेड़ी बड़ी कस्बे के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर मानविक पुत्र हिरेन जोशी उम्र 14 माह की विक्स की डिब्बी का ढक्कन गले में अटकने से मौत पर युवाओं ने हंगामा किया। आपात स्थिति में उसे स्वास्थ्य केंद्र ले जाने पर वहां सिर्फ एक नर्स एवं चपरासी के अलावा कोई भी नहीं था। आरोप है कि डॉक्टरों की अनुपस्थिति के कारण बच्चे को तात्कालिक इलाज नहीं मिलने से उसकी की मौत हो गई। आरोप है कि इमरजेंसी हालात में भी अस्पताल पहुंचने पर वहां पर कोई नहीं मिलता है। डॉक्टर की अनुपस्थिति से लगातार कस्बे सहित आसपास के पूरे क्षेत्र में हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं। मौके पर उप पुलिस अधीक्षक गढ़ी सुदर्शन सिंह पालीवाल एवं थानाधिकारी वृत निरीक्षक रोहित कुमार के नेतृत्व में पुलिस फोर्स के पहुंचने के बाद हालात नियंत्रण में हुए। विरोध कर रहे लोग जिला चिकित्सा अधिकारी एवं ब्लॉक चिकित्सा अधिकारी को मौके पर बुलाने की मांग को लेकर अड़े रहे और तालाबंदी कर अस्पताल प्रशासन एवं चिकित्सा विभाग के खिलाफ नारेबाजी की। लोगों की मांग थी कि यहां के स्टाफ को तुरंत बर्खास्त किया जाए और दूसरे डॉक्टरों एवं स्टाफ की नियुक्ति की जाए। इस दौरान जिला चिकित्सा अधिकारी हीरालाल ताबियार और ब्लॉक चिकित्सा अधिकारी दीपिका रोत से फोन पर बात की और उन्हें बुलाने की मांग पर अड़े रहे। इधर आक्रोशित लोगों के बीच ब्लॉक चिकित्सा अधिकारी दीपिका रोत ने उपस्थित होकर सभी लोगों को आश्वासन किया कि अस्पताल की लिए लोगों की समस्त मांगों की और समस्याओं की जल्दी से जल्दी समाधान कर दिया जाएगा। दो चिकित्सक हैं यहां अस्पताल में डॉक्टर शुभम वर्मा के अलावा यूटीबी स्कीम के तहत डॉक्टर क्षितिज जैन की भी नियुक्ति है। डॉक्टर शुभम वर्मा अवकाश पर हैं वहीं डॉ क्षितिज दिनभर ओपीडी के पश्चात तलवाड़ा अपने निवास पर गए थे। लंबी मुरादों के बाद हुआ था बेटा मृतक मानविक 14 माह का था। उसकी बड़ी बहन 18 वर्ष की है। लंबी मुरादों के बाद बेटे के जन्म से पूरा परिवार खुश था, लेकिन अचानक इस तरह से मृत्यु हो जाना पूरे परिवार सदमे में है।

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