तदाशा मिश्रा झारखंड की नई DGP नियुक्त:सेवानिवृत्ति से पहले मिली दो साल की सेवा अवधि, 1994 बैच की हैं आईपीएस

झारखंड सरकार ने 1994 बैच की आईपीएस अधिकारी तदाशा मिश्रा को राज्य का नया पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) नियुक्त किया है। वह इससे पहले प्रभारी डीजीपी के पद पर कार्यरत थीं। गृह विभाग ने इस संबंध में मंगलवार की शाम अधिसूचना जारी कर दी है। जारी अधिसूचना के अनुसार, तदाशा मिश्रा को महानिदेशक एवं पुलिस महानिरीक्षक (एचओएएफ) के पद पर नियुक्त किया गया है। उनकी यह नियुक्ति झारखंड में पुलिस प्रमुख के चयन एवं नियुक्ति नियमावली 2025 के संशोधित प्रावधानों के तहत की गई है। तदाशा मिश्रा अगले दो साल तक झारखंड पुलिस प्रमुख के पद पर अपनी सेवाएं देंगी। डीजीपी नियुक्त होने से पूर्व, तदाशा मिश्रा पुलिस के गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग में विशेष सचिव के पद पर भी कार्यरत रह चुकी हैं।
दो माह पूर्व डीजीपी का मिला था पदभार बताते चलें कि दो माह पूर्व डीजीपी अनुराग गुप्ता ने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (वीआरएस) ले ली थी। इसके बाद राज्य सरकार ने उनके वीआरएस के आवेदन को स्वीकार करते हुए 1994 बैच की झारखंड कैडर की आईपीएस अधिकारी तदाशा मिश्रा को डीजीपी का प्रभार दिया था। वह राज्य की पहली महिला आईपीएस अधिकारी हैं, जिन्हें झारखंड पुलिस की कमान सौंपी गई है। रांची सिटी एसपी से डीजीपी बनने तक का सफर तदाशा मिश्रा कई महत्वपूर्ण पद संभाल चुकी हैं। अविभाजित बिहार में शीतकालीन राजधानी रांची में सिटी एसपी रह चुकी हैं। वे जैप वन और टू में कमांडेंट भी रहीं। बोकारो और गिरिडीह एसपी का पद भी संभाल चुकी हैं। वे डीआईजी कार्मिक, आईजी मानवाधिकार, आईजी स्पेशल ब्रांच और बोकारो आईजी भी रही हैं। एडीजी जैप के साथ ही गृह विभाग में दो बार विशेष सचिव रह चुकी हैं। फिलहाल वे गृह विभाग में विशेष सचिव के पद पर तैनात थीं। बोकारो एसपी रहते नक्सलियों के गढ़ झुमरा पहुंच गई थीं तदाशा सख्त अधिकारी के रूप में जानी जाती हैं। बोकारो एसपी रहते वे नक्सलियों के गढ़ झुमरा पहाड़ पर पहुंच गई थीं। झुमरा पहाड़ उस समय नक्सलियों का बड़ा केंद्र था। तब पुलिस भी वहां जाने से डरती थी। लेकिन उन्होंने खुद नक्सल विरोधी अभियान की कमान संभाला और वहां ऑपरेशन चलाया।

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