भास्कर न्यूज | लुधियाना पंजाब को कर्जा मुक्त करके पंजाब का खजाना भरने की बात करने वाली भगवंत मान की अगुवाई में पंजाब सरकार के दावे खोखले साबित हो रहे हैं। पिछले कई सालों के बाद इस साल पंजाब के बड़ी गिनती में शिक्षा विभाग के मुलाजिम व अध्यापक फरवरी की तनख्वाह को तरस रहे हैं। गवर्नमेंट स्कूल टीचर्स यूनियन पंजाब के सूबा प्रधान सुरिंदर कुमार ने बताया कि पंजाब सरकार की ओर से बहुत स्कूलों को अभी तक जरुरी बजट जारी नहीं किया गया। इस कारण अध्यापकों व मुलाजिमों की फरवरी महीने की तनख्वाह अभी तक नसीब नहीं हुई। नेताओं ने पंजाब सरकार से मांग की कि फरवरी महीने का बजट जारी किया जाए। क्योंकि कर्मचारियों व उनके परिवारों की अपनी वित्तीय जरूरतें हैं। नेताओं ने रोष प्रगट करते हुए कहा कि पंजाब सरकार व उच्च अधिकारियों की गलती का खामियाजा मुलाजिमों को भुगतना पड़ता है। जबकि मुलाजिम विभागों में तनदेही से सेवा निभा रहे हैं। नेताओं ने कहा कि पंजाब सरकार की ओर से मुलाजिमों को पुरानी पेंशन स्कीम लागू न करने, पे कमिशन के बनते बकाया जारी न करने, ग्रामीण एरिया भत्ता के बार्डर एरिया भत्ता लागू न करने से सरकार से निराश चल रहे है। जिसका खामियाजा पंजाब सरकार को मुलाजिमों के रोष के रुप में भुगतना पड़ेगा। इस मौके पर चरन सराभा, सचिव प्रवीण कुमार व जिंदर, धर्म सिंह मलौद, कुलदीप सिंह आदि मौजूद रहे।


