तम्बाकू जनित रोगों से 3500 से अधिक की प्रति दिन होती है मौत : डॉ. असलम

सिटी रिपोर्टर | बोकारो डॉ. एस राधाकृष्णन कॉलेज चिकसिया चास में मोबाइल एडिक्शन और तम्बाकू के दुष्परिणामों पर बुधवार को एक सेमिनार का आयोजन किया गया। इसका उद्देश्य छात्रों को मोबाइल एडिक्शन और तम्बाकू के दुष्परिणामों के बारे में जागरूक करना था। कार्यक्रम की शुरुआत विशिष्ट अतिथि डॉ. शर्मीला रानी डीन बीबीएमके यूनिवर्सिटी और डॉ. मुकुंद रविदास एनएसएस प्रोग्राम आफिसर बीबीएमके यूनिवर्सिटी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। इसके बाद एनएसएस कोर्डिनेटर मुमताज जोहरा ने इस विषय पर विस्तार पूर्वक जानकारी दी। स्वास्थ्य विभाग के प्रतिनिधि डॉ. प्रशांत कुमार मिश्रा मनोरोग चिकित्सक सदर अस्पताल बोकारो, मो. असलम जिला परामर्शी तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम और छोटेलाल दास सोशल वर्कर ने भाग लिया। जिला परामर्शी मो. असलम ने बताया कि तम्बाकू जनित रोगों से प्रत्येक दिन 3500 से अधिक भारतीयों की मौत होती है। उन्होंने छात्रों को तम्बाकू के दुष्परिणामों, तम्बाकू में पाये जाने वाले जहरीले तत्वों, तम्बाकू प्रयोग से स्वास्थ्य पर दीर्घ अवधी परिणामों, नशा मुक्ति केन्द्र और तम्बाकू छोड़ने के उपायों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। डॉ. प्रशांत कुमार मिश्रा ने छात्रों को मोबाइल एडिक्शन, तनाव, तनाव प्रबंधन और टेलीमानस विषय पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने बताया कि मोबाइल एडिक्शन से छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ता है और उन्हें अपने अध्ययन पर ध्यान केंद्रित करने में परेशानी होती है। कार्यक्रम के अंत में कॉलेज के सचिव राजकुमार ने स्वास्थ्य विभाग से आए प्रतिनिधियों का आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम का समापन किया। सेमिनार में छात्रों ने मोबाइल एडिक्शन और तम्बाकू के दुष्परिणामों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की और अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का संकल्प लिया। प्राचार्य ने कहा कि एनएसएस जैसी योजनाएं विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। मंच संचालन रीमा रानी सिंह व धन्यवाद ज्ञापन कुमारी भारती के द्वारा दिया गया। कार्यक्रम में सभी शिक्षक, कर्मचारी व विद्यार्थी उपस्थित रहे।

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